चमोली जिले में करंट की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। एक माह में जिले में करंट से मौत की यह दूसरी घटना है। इससे लोगों में ऊर्जा निगम के विरुद्ध आक्रोश है।
शनिवार को निजमुला घाटी के गौंणा गांव निवासी नरेंद्र सिंह रावत की पत्नी बीना देवी (33 वर्षीय) गांव के समीप तालपानी तोक में चारापत्ती लेने गई थी। वहीं गौंणा से दुर्मी गांव को जा रही 11 केवी की बिजली लाइन के पोल पर करंट दौड़ रहा था। पोल के लिए सपोर्ट के लिए तार (स्टैग) बांधा हुआ था। इसी दौरान चारापत्ती निकालते वक्त बीना करंट युक्त तार की चपेट में आ गईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। जंगल गई अन्य महिलाओं ने घटना की सूचना गांव में पहुंचाई।
सूचना पर राजस्व विभाग और ऊर्जा निगम के अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची। राजस्व पुलिस ने जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने प्रभावित परिवार को फौरी तौर पर त्वरित मुआवजा राशि दे दी है। वहीं, आठ जनवरी को लामबगड़ में बिजली लाइन के सुधार के दौरान करंट की चपेट में आने से मठ गांव के अनिल तिवारी की मौत हो गई थी।
बिजली लाइन की मरम्मत होती तो बच जाती जान
पीपलकोटी। गौंणा गांव के लिए सप्लाई हो रही 11 केवी की बिजली लाइन की मरम्मत के लिए पूर्व में ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से गुहार लगाई थी, लेकिन अधिकारियों ने ग्रामीणों की मांग पर कोई कार्रवाई नहीं की। इससे यह हादसा हुआ। ग्रामीण गजेंद्र रावत, गोपाल बर्त्वाल, गंगा बर्त्वाल, कौशल कठैत और रुप सिंह का कहना है कि निजमुला घाटी में बिजली के तार हवा में झूल रहे हैं।
ग्रामीणों ने मृत महिला के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और दस लाख रुपये मुआवजा देने की मांग उठाई। ऊर्जा निगम के एसडीओ धनंजय कुमार का कहना है कि निजमुला घाटी के गांवों में बिजली के तारों और पोल की मरम्मत का कार्य किया जाएगा। ग्रामीणों की ओर से तारों की मरम्मत की शिकायत अधिकारियों को नहीं मिली थी। इसे दिखवाया जाएगा। प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।