वनाग्नि से तहसील मुख्यालय के पास के जंगल भी नहीं बच पाए। शुक्रवार देर शाम आईटीआई के पास के जंगलों की आग हवा के साथ ऐसी भड़की कि चंद मिनटों में एक किमी से अधिक एरिया को आग ने अपने चपेट में ले लिए।
रात भर आईटीआई, द्योड़ी, बरसाली, नाकोट, डिम्मर सहित नागनाथ पोखरी, नंदप्रयाग रेंज के जंगल धधकते रहे। तहसील मुख्यालय के चारों ओ लगी आग से पूरा नगर भारी धुंध में डूबा रहा। धुंध होने से वाहन चालकों को भी खासी परेशानी उठानी पड़ी।
शनिवार शाम को आग कम होने से कुछ धुंध कम हुई। दूसरी ओर थराली के मध्य पिंडर रेंज के अंतर्गत कोटडीप, केदारबगड़ और ब्लाक कार्यालय के ठीक ऊपर के जंगल दावानल की चपेट में आ गए।
आग से जहां वन संपदा, जड़ी बूटी और इमारती लकड़ियों को भारी नुकसान पहुंचा, वहीं जंगली जानवरों की जान भी मुश्किल में आ गई है। वन क्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह बिष्ट का कहना है कि विभाग की टीम आग बुझाने में जुटी है।