थराली। सोल क्षेत्र के ग्रामीणों को वाहनों की आवाजाही के लिए अभी दो से तीन हफ्ते का इंतजार और करना पड़ेगा। 13 अगस्त की रात्रि को बादल फटने से प्राणमति नदी में उफान आने से थराली-डुंगरी सड़क 150 मीटर नदी में समा गई। इससे मैन, केरा, डुंग्री, दरमोला, रूईसाण, बूंगा, बुरसोल, गेरूड़, कोलपुड़ी सहित 16 गांवों की आवाजाही बंद हो गई थी। ग्रामीण चट्टानी रास्तों से पैदल चलकर तहसील मुख्यालय पहुंच रहे हैं। अब पीएमजीएसवाई ने वाश आउट के स्थान से सड़क की नई कटिंग का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए आपदा मद में साढ़े नौ लाख का इस्टीमेट भेजा गया है। पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता डीएस भंडारी ने कहा कि कठोर चट्टान तोड़ने के लिए कंप्रेशर मशीन लगाई गई है। वहीं, थराली से एक किमी आगे देकुना के पास चट्टान से लगातार पत्थर गिर रहे हैं जिससे पैदल मार्ग भी जाेखिमपूर्ण बना हुआ है। संवाद