कर्णप्रयाग के रानीगढ़ पट्टी और आदिबदरी के काश्तकार परेशान
वन विभाग से की जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कर्णप्रयाग/आदिबदरी। रानीगढ़ पट्टी के 20 से अधिक गांवों में जंगली सुअरों की दहशत बनी है। जंगली सुअर लहलहाती फसलों को नष्ट कर रहे हैं। ऐसे में दिन-रात मेहनत करने वाले काश्तकारों का खेती से मोह भंग होने लगा है। काश्तकारों ने वन विभाग से जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग उठाई।
विकासखंड के रानीगढ़ पट्टी के गैंथी, खरसाई, सिदोली, पाडुली, कांडा, बरतोली, देवल आदि गांवों के खेतों में गेहूं, जौ आदि फसलें लहलहा रही हैं। मगर कुछ समय से इन गांवों में जंगली सुअर झुंड में आकर फसलों को नष्ट कर रहे हैं। निवर्तमान प्रधान वीरेंद्र सिंह नेगी, अरविंद, प्रकाश सिंह राणा, पूर्व फौजी लक्ष्मण सिंह राणा आदि ने वन विभाग से जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की। वहीं धनपुर के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर नेगी ने कहा कि जंगली सुअरों से निजात दिलाने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। वहीं आदिबदरी में भी जंगली सुअर फसलों को नष्ट कर रहे हैं। काश्तकारों का कहना है कि दूधातोली व बेनीताल के जंगलों से निकलअर सूअरों के झुंड निचले गांवों में आकर खेती को नुकसान पहुंचा रहे हैं। भलसों, ढमकर, नगली, हरगांव, सुगड़, बूंगा, स्यालकोट में गेहूं सहित अन्य फसलों बरबाद कर दिया है। भलसों के कुंवर सिंह ने बताया कि वो रात को जाग कर घर के नजदीक के खेतों को तो बचा रहे हैं लेकिन अन्य खेत नष्ट हो रहे हैं। भलसों के बलवंत नेगी, स्यालकोट के पुष्कर बिष्ट और ढमकर के बलवंत रावत, पदम बिष्ट ने शासन-प्रशासन से जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की। वहीं धनपुर रेंज के रेंजर एनके नेगी ने बताया कि जंगली सुअरों से फसलों को बचाने के लिए कर्मियों की गश्त बढ़ाई जाएगी।