गैरसैंण के दूरस्थ गांव भंडारीखोड के एक बुजुर्ग (66) की बुधवार को कोरोना से मौत हो गई। मृतक गांव के पास हिरूली बाजार में परचून की दुकान चलाता था। चार दिन पूर्व वह चौखुटिया अस्पताल में इलाज के लिए गया था, जहां कोरोना जांच के बाद पॉजिटिव आने पर उसे अल्मोड़ा के लिए रेफर किया गया था। अल्मोड़ा में डॉक्टरों ने उसका ऑक्सीजन लेवल ठीक होने और बुखार नहीं होने का हवाला देते हुए घर भेज दिया था। वापसी में चौखुटिया के पास उसने दम तोड़ दिया।
ग्रामप्रधान लीलाधर जोशी ने कहा कि मृतक के परिवार के लोगों को होम आइसोलेट कर दिया गया है। अब तक गांव में 12 से अधिक लोगों को होम क्वारंटीन किया गया है। कहा कि मृतक की बहू क्षेपंस नीमा देवी का स्वास्थ्य भी खराब है। उनकी निगरानी की जा रही है। वहीं भंडारीखोड़ और कुनीगाड़ के प्रधान ने रामपुर से कुनीगाड़ को जोड़ने वाली सड़क को बंद करने की मांग की, ताकि बाहर से आने वाले लोग पांडुवाखाल से बैरियर पर जांच करने के बाद ही कुनीगाड़ क्षेत्र में प्रवेश कर सकें।