वसंत ऋतु के आगमन और वसंत पंचमी पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने अपने-अपने अंदाज में वसंत ऋतु का स्वागत किया। जब हर पेट को रोटी मिले तो मैं समझूं वसंत आ गया... इस कविता को सबने खूब सराहा।
गोपेश्वर स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में कलम क्रांति साहित्यिक मंच की ओर से कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन में मंच की संयोजिका शशि देवली ने वर्तमान में आशाओं के दीप जलाने आई हूं..., अरुण किशोर भट्ट ने प्रेम में नब्बे फीसदी प्रेमी बस रोता है..., नीलम डिमरी ने देखो तो वसंत आ रहा है मेरे सपनों को साकार कर रहा है..., सुनील कुमार ने गौं का गौं खाली ह्वेगेन... राजा तिवारी ने ख्वाब में मेरे आकर ख्वाब से जगाती थी वो..., मनोज तिवारी ने कोई बरगद नहीं बनता यूं ही..., भगत सिंह राणा ने रूप वसंत का देखने आना मेरे देश। हिमांशु थपलियाल ने प्रकृति का ये रंग देखो नई खुशियां लाया है..., दीपक सती प्रसाद ने वसंत है मेरा महबूब मुझे बुला रहा है..., दर्शन सिंह नेगी ने जब हर पेट को रोटी मिले तो मैं समझूं वसंत आ गया... कविता से माहौल को वसंती रंग में रंग दिया। हास्य कवि बृजेश रावत ने भी कविता के जरिए खूब हंसाया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी चमोली बुशरा अंसारी, विशिष्ट अतिथि पूर्व पालिका अध्यक्ष प्रेम बल्लभ भट्ट, डा. योगेश धस्माना, सुरेंद्र लिंगवाल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य ऊषा रावत, नरेंद्र रावत, रोशनी पोखरियाल, लोकेंद्र रावत, कुंवर सिंह और सुनील कोठियाल आदि मौजूद थे।