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सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों में पहुंचा राशन

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पूर्ति विभाग ने चमोली जिले के लगभग सभी गांवों में सरकारी राशन उपलब्ध करवा दिया है। जिले में राशन अब पर्याप्त मात्रा में है, लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। डीएम स्वाति एस भदौरिया ने जिले के सभी फुटकर और थोक विक्रेताओं को अपने प्रतिष्ठानों पर जरूरी वस्तुओं के उपलब्ध स्टॉक की सूचना चस्पा करने, एमआरपी पर ही आवश्यक वस्तुओं का विक्रय करने और आवश्यक वस्तुओं की गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
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चमोली जिले में 828 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में राशन की सप्लाई की जाती है। लॉकडाउन के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में राशन और सब्जी की किल्लत होने लगी थी। अब पूर्ति विभाग ने कर्णप्रयाग, चमोली, नंदप्रयाग, नौटी, आदिबदरी, थराली, देवाल, जोशीमठ सहित सभी गोदामों से राशन की सप्लाई गांवों को भेज दी है। जिला पूर्ति अधिकारी किशोरी लाल शाह ने कहा कि जिले में राशन की कोई कमी नहीं है। गल्ला विक्रेताओं की ओर से राशन का वितरण किया जा रहा है। वहीं गौचर में सोमवार को करीब डेढ़ हफ्ते बाद भारत गैस के सिलिंडरों की सप्लाई हुई। गैस वितरण में अव्यवस्था न हो इसके लिए चौकी इंचार्ज नवीन चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल मुस्तैद रहा। गैस एजेंसी के सेल्स इंचार्ज संजय ढौंडियाल ने कहा कि करीब 250 लोगों को रसोई गैस दी गई।
एलपीजी के लिए 1906 पर करें फोन
गोपेश्वर। इंडियन आयल कार्पोरेशन लिमिटेड के जिला नोडल अधिकारी उज्जवला पीयूष कुमार ने कहा कि जिले में एलपीजी की सप्लाई पर्याप्त मात्रा में हो रही है। उपभोक्ता घबराहट और हड़बड़ी में एलपीजी सिलिंडरों की जमाखेरी न करें। घर से ही ऑनलाइन बुकिंग करें, जिससे नोटों की अनावश्यक हैंडलिंग से बचा जा सकता है। एलपीजी आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1906 हर समय उपभोक्ताओं के लिए खुला है, जिस पर वह एलपीजी से संबंधित जानकारी ले सकते हैं।
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दवाइयों की होगी होम डिलीवरी
रुद्रप्रयाग। लॉकडाउन के कारण बीमार लोगों के सामने आवश्यक दवाइयों का भी संकट हो गया है। समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने दवाइयों की होम डिलीवरी की व्यवस्था की है। इसकी जिम्मेदारी केमिस्ट एसोसिएशन के नगर अध्यक्ष लक्ष्मण बिष्ट को जिम्मेदारी सौंपी गई है। साथ ही प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 8534048574 जारी किया है। इस नंबर के जरिए आम लोग आवश्यक दवाइयां मंगा सकते हैं। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने बताया कि दवाइयों की होम डिलीवरी के लिए वाहन और पीआरडी जवान उपलब्ध कराया गया है।
गंभीर मरीजों, महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर मिलेगा पास
नई टिहरी। जिला प्रशासन ने लॉकडाउन के दौरान जरूरी आवागमन के लिए ई-चालान की सुविधा शुरू कर दी है। गंभीर मरीजों, महिलाओं को प्रसव, निजी संबंधियों के निधन समेत अन्य जरूरी कार्य के लिए ही ई-पास बनाए जाएंगे। इसके लिए संबंधित व्यक्ति को ई-डिस्ट्रिक्ट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
जिलाधिकारी डा. वी षणमुगम ने बताया कि जरूरतमंद व्यक्ति घर से ही edistrict.uk.gov.in पर आवेदन और जरूरी दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। आवेदनों का अपर जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में बनी कमेटी जांच कर ई-पास जारी करेगी। इसके लिए जिला सूचना विज्ञान अधिकारी एनआईसी सौरभ रतूड़ी को नोडल अधिकारी नामित किया गया है। साथ ही चार अन्य कार्मिकों को भी ई-पास जारी करने के लिए तैनात किया है।
खाद्यान्न आपूर्ति में जुटे चालकों, मजदूरों के लिए गोदाम में ही व्यवस्था
उत्तरकाशी। लॉकडाउन में भी खाद्यान्न की आपूर्ति सुचारु रूप से चल रही है। रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक ऋषिकेश एवं विकासनगर डिपो से राशन लेकर उत्तरकाशी के सरकारी गोदामों तक पहुंच रहे हैं। ज्ञानसू खाद्यान्न गोदाम में तैनात पूर्ति निरीक्षक गोपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि गोदाम में गेहूं, चावल, चीनी एवं दाल का भंडारण करने के साथ ही इन्हें सस्ता गल्ला विक्रेताओं तक पहुंचाया जा रहा है, जहां से यह राशनकार्ड धारकों को वितरित किया जा रहा है। खाद्यान्न आपूर्ति में जुटे ट्रक चालकों एवं मजदूरों के लिए गोदाम में ही भोजन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि दूरस्थ गांवों से सस्ता गल्ला विक्रेताओं को राशन उठाने के लिए गोदाम तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं।
टिहरी में प्रतिदिन एक हजार लीटर दूध की खपत
नई टिहरी। टिहरी जिले में लॉकडाउन के दौरान प्रतिदिन एक हजार लीटर दूध, 240 क्विंटल चावल और 220 क्विंटल आटे की खपत हो रही है। व्यापार मंडल पदाधिकारियों से वार्ता के बाद जिला खाद्य पूर्ति विभाग ने डिमांड चार्ट तैयार किया है, जो सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति ऋषिकेश को भेजा गया है।
जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने बताया कि दो-तीन दिन पहले चंबा और घनसाली में आटे की कमी की शिकायतें आई थीं, लेकिन अब ऐसी समस्या नहीं है। जिले में जो आटा मिल पंजीकृत है, उन्हें गेहूं पिसाई के लिए आवंटित किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी रसद की कमी न हो इसके लिए सस्ते गल्ले की दुकानों में तीन माह का गेहूं और चावल एडवांस भेज दिया गया है।
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