अमृत गंगा पेयजल योजना के पाइप फट जाने से नगर में दो दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप पड़ी है। हल्दापानी, नैग्वाड़, हल्दापानी और सुभाष नगर में प्राकृतिक जल स्रोत न होने से लोगों को पेयजल आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं। करीब आठ करोड़ से बनी अमृत गंगा पेयजल योजना के स्रोत पर फिल्टर टैंक भी नहीं है।
अमृत गंगा पेयजल योजना का निर्माण कार्य 2007 में शुरू हुआ था, लेकिन आधी-अधूूरी योजना से ही वर्ष 2014 में नगर क्षेत्र को पेयजल आपूर्ति की गई।
तब से नगर में सुचारु पेयजल आपूर्ति नहीं हो पाई है। बीती शनिवार को गंगोलगांव के समीप अमृत गंगा पेयजल लाइन में कबाड़ घुस जाने से एक पाइप फट गया।
तब से जल संस्थान के कर्मचारी लाइन पर पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं कर पाए हैं। भाजपा नेता वीरेंद्र असवाल का कहना है कि अमृत गंगा पेयजल योजना कमीशन की भेंट चढ़ी है।
वहीं संस्थान के ईई जेपी जोशी का कहना है कि पेयजल लाइन को ठीक करने में कर्मचारी जुटे हुए हैं। फिलहाल लोगों को टैंकर से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। लाइन के स्रोत पर शीघ्र ही फिल्टर लगाया जाएगा, इसके लिए शासन से धनराशि की मांग की गई है।