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Chamoli News: बारिश से बढ़ा आटागाड़ नदी का जलस्तर, आवागमन ठप

Sat, 01 Mar 2025 07:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चमोली
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जसपुर-डुंग्री सड़क पर नहीं बन पाया पुल, ग्रामीणों को 30 से 40 किमी का लगाना पड़ रहा है फेरा
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कर्णप्रयाग। दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के चलते आटागाड़ नदी उफान पर आ गया है, जिससे जसपुर-डुंग्री सड़क पर आवागमन ठप हो गया है। इससे विकासखंड के 30 से अधिक गांवों के ग्रामीणों को तहसील मुख्यालय पहुंचने के लिए 30 से 40 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
विकासखंड के उज्जलवलपुर- जसपुर- बैनोली मोटर मार्ग पर आटागाड़ में मोटर पुल न होने के कारण ग्रामीणों को यहां बने अस्थायी एप्रोच मार्ग से आवाजाही करनी पड़ती है, लेकिन बीते दो दिनों की बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ गया है। ग्रामीणों ने बताया कि सूरज सिंह, वीरेन्द्र कुमार, युवा नेता संदीप कुमार ने जसपुर, डुंग्री, ग्वाड़, शैलेश्वर, मालई, माथर, नंदासैंण सहित आसपास के 30 से अधिक गांवों के ग्रामीण आवागमन करते हैं।
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मोटर पुल पर ग्रामीण पुल बनाने के लिए लंबे समय से मांग कर रहे हैं। हालांकि लोनिवि गौचर द्वारा 232 लाख की लागत से पुल को स्वीकृत किया है, लेकिन निर्माण कार्य में धीमी गति से ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है।

मोटर पुल का कार्य प्रारंभ हो गया है। 18 माह में पुल और एप्रोच रास्ते का निर्माण पूरा हो जाएगा। पुल के लिए कार्यदायी संस्था को तेजी से और गुणवत्ता पूर्वक कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
-अनूप सिंह, सहायक अभियंता, लोनिवि गौचर


बारिश के कारण टूटा विद्यालय का पुश्ता

नारायणबगड़। बीते बृहस्पतिवार से हो रही बारिश व बर्फबारी से पिंडरघाटी में एक बार फिर से ठिठुरन बढ़ गई है। शनिवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा। बारिश के कारण राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवीधार- किमोली में विद्यालय जाने वाले रास्ते का पुश्ता ढह गया, जिससे छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रधानाध्यापक रघुनाथ सिंह रावत ने बताया कि बारिश के कारण विद्यालय का पुश्ता टू स्कूल मैदान व विद्यालय परिसर को भी खतरा बढ़ गया है। संवाद


हिमनी-बलाण सड़क दो दिन से बंद

फोटो-



हिमनी-बलाण सड़क दो दिन से बंद, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में गिरी बर्फ
देवाल। दो दिन से नालपानी के पास बंद पीएमजीएसवाई की हिमनी- बलाण सड़क शनिवार को भी नहीं खुल पाई। सड़क बंद होने से बलाण गांव का संपर्क कटा है। ग्रामीणों ने विभाग से सड़क खोलने की मांग की है। बलाण के गाेविंद बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार का सड़क बंद होने की सूचना विभाग को दी गई, लेकिन मलबा साफ करने के लिए विभाग का जेसीबी शनिवार को भी नहीं पहुंचा। उन्होंने विभाग से इस सड़क को शीघ्र खोलने की मांग की। सहायक अभियंता डीएस भंडारी ने बताया कि रविवार को जेसीबी मशीन भेजकर शीघ्र सड़क खोल दी जाएगी। वहीं, यहां बृहस्पतिवार व शुक्रवार को हुई बारिश से क्षेत्र के घेस, बलाण, हिमनी, वाण, पिनाऊं गांव अभी भी बर्फ से ढके हैं। वहीं मुख्य पर्यटन स्थल रूपकुंड, वेदनी, आली बुग्याल, बगजी बुग्याल, बगुवावासा में दो से तीन फीट बर्फ पड़ी है। ग्रामीण हीरा सिंह ने बताया कि हिमालयी क्षेत्र के गांव घेस, हिमनी, बलाण, वाण, पिनाऊं गांव में अभी भी बर्फ है। संवाद


रतगांव की सड़क तीन दिन से बंद, अस्थायी रास्ता बहा

थराली। सोल घाटी के सबसे बड़े गांव रतगांव की चार हजार से अधिक आबादी को जोड़ने वाली सड़क तीन दिन से बंद है। यहां नदी का जलस्तर बढ़ने से अस्थायी रास्ता बह गया है। साथ ही बुरसोल के पास भूस्खलन होने से भी समस्या हुई है। निवर्तमान ग्राम प्रधान महिपाल फर्स्वाण, प्रदीप फर्स्वाण, बलवंत सिंह, सुजान सिंह, पृथ्वी सिंह का कहना है कि ग्रामीण दो साल से घटगाड़ गदेरे में पुल बनाने और सड़क का एलाइनमेंट बदलने की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी है। ईई दिनेश मोहन गुप्ता का कहना है कि रतगांव तक सड़क बहाल करने के लिए दो मशीनें काम कर रही है। जल्द ही सड़क संपर्क बहाल हो जाएगा। घटगाड़ नदी में बैली ब्रिज के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। संवाद
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बारिश में कच्ची सड़कों पर चलना हुआ मुश्किल
कर्णप्रयाग। विकासखंड की सात से अधिक सड़कों को डामरीकरण होने का इंतजार है। दशकों से कच्ची पड़ी इन सड़कों पर हल्की बारिश में कीचड़ और दलदल बन जा रहा है। बणसोली के कैलाश खंडूड़ी, मैखुरा के आशाराम मैखुरी, सेरागाड़ के राकेश जुयाल, रमेश जोशी, सुमल्टा के सुशील खंडूड़ी, कपीरी संघर्ष समिति के अध्यक्ष खिलदेव सिंह रावत, महामंत्री महिपाल नेगी आदि ने कहा कि सड़कों को डामरीकरण की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ईई सुशील कुमार का कहना है कि सभी सड़कों पर डामरीकरण के प्रस्ताव स्वीकृति हेतु शासन में भेजे गए हैं। संवाद
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