विष्णुगाड-पीपलकोटी परियोजना में रोजगार समेत विभिन्न मांगों को लेकर बृहस्पतिवार को ज्येष्ठ उपप्रमुख की ओर से प्रस्तावित जलसमाधि टीएचडीसी की ओर से मांगों पर सहमति के बाद स्थगित कर दी गई।
हालांकि टीएचडीसी के निदेशक पीपीएस मान ने कहा कि एक सप्ताह में परियोजना की कोर कमेटी की बैठक में ग्रामीणों की मांगों पर निर्णय लिया जाएगा, जिसके चलते ग्रामीणों ने अपना क्रमिक अनशन जारी रखा है। इस दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।
सड़क, विस्थापन और रोजगार समेत विभिन्न मांगों को लेकर पीपलकोटी के लोग क्रमिक अनशन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को दोपहर दो बजे ज्येष्ठ उपप्रमुख अयोध्या प्रसाद हटवाल के जल समाधि लेने की चेतावनी को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा और आंदोलनस्थल पर क्षेत्र के सैकड़ों महिला-पुरुष भी पहुंचे।
सुबह करीब साढ़े 11 बजे चमोली के प्रभारी एसडीएम विवेक प्रकाश मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मांग जिला प्रशासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीण टीएचडीसी के निदेशक के मौके पर पहुंचने के बाद ही मुद्दों पर बातचीत करने पर अड़े रहे। दोपहर डेढ़ बजे टीएचडीसी के निदेशक पीपीएस मान मौके पर पहुंचे।
बंड क्षेत्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष गौरव फर्स्वाण ने उनके सामने मांगें पढ़कर सुर्नाइं, जिस पर मान ने परियोजना प्रभावितों को आश्वासन दिया कि 90 फीसदी प्रभावितों को परियोजना में रोजगार दिया जाएगा।
उन्होंने लिखित आश्वासन दिया कि टीएचडीसी और परियोजना की सहायक कंपनी हिंदुस्तान में सेवारत अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची आंदोलनकारियों को एक सप्ताह में उपलब्ध करा ली जाएगी। जैसाल गांव के लिए शीघ्र सड़क निर्माण शुरू करने और पीपलकोटी में मॉडर्न स्कूल खोला जाएगा।
इस मौके पर भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद कपरूवाण, जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र सिंह रावत, ऊषा रावत, नवीन मटियाल, वीरेंद्र असवाल, रामकृष्ण सिंह रावत, पूर्व बीकेटीसी अध्यक्ष अनसूया प्रसाद भट्ट, बस्ती लाल, हरिबोधनी खत्री और सुनील कोठियाल आदि मौजूद थे।
सांसद खंडूड़ी ने दिया आंदोलन को समर्थन
गढ़वाल सांसद भुवन चंद्र खंडूड़ी ने आंदोलन में शामिल भाजपा नेता रामकृष्ण सिंह रावत के फोन पर संपर्क कर ग्रामीणों के आंदोलन को समर्थन दिया।
सांसद ने शीघ्र मांगों के संबंध में टीएचडीसी के अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। उन्होंने ज्येष्ठ उपप्रमुख को आत्मघाती कदम न उठाने की अपील भी की।