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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का काम ठप

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विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना का निर्माण कार्य कर रही हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी के मजदूरों व कर्मचारियों को छह माह से वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे आक्रोशित 900 कर्मचारियों ने परियोजना का काम ठप कर प्रदर्शन कर धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि कंपनी की ओर से वेतन देने के लिए सिर्फ आश्वासन ही मिल रहे हैं। उन्होंने डीएम को ज्ञापन भेजकर वेतन भुगतान के लिए कंपनी प्रबंधन को निर्देशित करने की मांग उठाई।
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हिंदुस्तान कंपनी के लगभग 900 वर्कर परियोजना कार्य में जुटे हुए हैं, लेकिन पिछले छह माह से मजदूरों व कर्मचारियों को वेतन का भुगतान नहीं हो पाया है। इससे गुस्साए परियोजना कर्मचारियों ने एक जून से काम ठप कर दिया है और परियोजना साइट पर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को धरना स्थल पर हुई सभा में वर्कर यूनियन के अध्यक्ष राजेंद्र टम्टा ने कहा कि जब तक वेतन का भुगतान नहीं हो जाता आंदोलन जारी रखा जाएगा। गोपाल सिंह नेगी, प्रवीण हटवाल, सूरज कुमार, पवन खंडूरी, देवेंद्र कुमार ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में भी कंपनी की ओर से वेतन न देने से परिवार की आजीविका चलाना मुश्किल बना है। वहीं हाट गांव के ग्राम प्रधान राजेंद्र हटवाल, विनेदा कपरवाण, ज्येष्ठ प्रमुख पंकज हटवाल, दीपक पंत, अयोध्या हटवाल, कुलदीप नेगी, बंड विकास संगठन के अध्यक्ष शंभू प्रसाद सती, पूर्व अध्यक्ष अतुल शाह, गजेंद्र राणा, हरीश पुरोहित और रुप सिंह गुसाईं ने धरना स्थल पर पहुंच कर आंदोलन का समर्थन किया।
कोट
परियोजना कर्मचारियों और मजदूरों को तीन माह के वेतन का भुगतान किया जाना है, यह भुगतान पिछले वर्ष कोरोना काल का है। जबकि इस वर्ष के तीन माह का वेतन का भुगतान भी किया जाना है। जल्द ही मजदूर व कर्मचारियों को वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा। - वीरेंद्र कुमार शर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, हिंदुस्तान कंस्ट्रक्शन कंपनी, पीपलकोटी।
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परियोजना से बाहर किए गए कर्मियों ने किया धरना-प्रदर्शन
गोपेश्वर। विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना से बाहर किए गए उपनल कर्मियों ने शीघ्र अनुबंध करने और दोबारा नियुक्ति की मांग को लेकर परियोजना कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। कर्मियों ने टीएचडीसी प्रबंधन पर कर्मियों की एकता और संघ को तोड़ने के लिए कुछ कर्मियों को बैकडोर से नियुक्त किए जाने का आरोप लगाया। आक्रोशित कर्मियों ने कहा कि यदि शीघ्र सभी 118 कर्मियों की दोबारा नियुक्ति नहीं की गई तो परियोजना कार्य रोककर आंदोलन तेज कर दिया जाएगा।
बृहस्पतिवार को कोरोना गाइड लाइन के तहत सामाजिक दूरी बनाकर कर्मियों ने कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। दशोली ब्लॉक प्रमुख के प्रतिनिधि मनोज कुमार, उपनल कर्मी कमलेश सकलानी, राकेश कुमार आदि ने परियोजना के महाप्रबंधक से वार्ता कर शीघ्र बाहर किए गए सभी कर्मियों को दोबारा नियुक्ति देने की मांग उठाई। कहा गया कि कई कर्मचारी दस सालों से परियोजना में कार्य कर रहे हैं। अब कर्मियों को बाहर कर देने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, पूर्व काबीना मंत्री राजेंद्र भंडारी ने कहा कि उनकी कंपनी प्रबंधन से दूरभाष पर वार्ता हुई है और कंपनी ने शीघ्र सभी कर्मियों को दोबारा नियुक्ति देने का आश्वासन दिया है। पूर्व मंत्री ने कर्मियों का समर्थन करते हुए उनके आंदोलन का समर्थन किया।
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