पूर्व काबीना मंत्री केदार सिंह फोनिया के बेटे एवं पूर्व आईएफएस विनोद फोनिया ने बदरीनाथ विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। पत्रकारों से उन्होंने कहा कि ‘मौका मिला तो तन-मन से जनता की सेवा में लग जाऊंगा’।
विनोद फोनिया के भारतीय विदेश सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद से ही राजनीति में आने की चर्चाएं राजनीतिक गलियारों में गरम हैं। उनको अब पूर्व कैबिनेट मंत्री केदार सिंह फोनिया के उत्तराधिकारी के रूप में देखा जा रहा है। मंगलवार को यहां लोनिवि के निरीक्षण भवन में विनोद फोनिया पत्रकारों से मुखातिब थे।
आगामी विधानसभा चुनावों में दावेदारी पर उन्होंने स्पष्ट तो नहीं कहा, लेकिन संकेतों में बता दिया कि वह चुनाव लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि जनादेश हुआ तो वह सामाजिक जीवन में जन सेवा करना चाहेंगे। पूर्व काबीना मंत्री केदार सिंह फोनिया ने कहा कि उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा नहीं है।
पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी की जीते के लिए वह वरिष्ठ कार्यकर्ता के तौर पर कार्य करेंगे, लेकिन पार्टी को योग्य और जिताऊ प्रत्याशी को ही चुनाव मैदान में उतारना चाहिए, ताकि राज्य में भाजपा की वापसी हो सके। जब विनोद फोनिया की दावेदारी पर उनसे सवाल किया गया तो उनका कहना था कि विचारधारा से जुड़ना प्रत्येक व्यक्ति की निजी राय है, लिहाजा इस विषय में अंतिम निर्णय उन्हें स्वयं लेना होगा।
आप ने की थी प्रत्याशी बनाने की पेशकश
गोपेश्वर। मंगलवार को पूर्व काबीना मंत्री केदार सिंह फोनिया अपने बेटे विनोद फोनिया के साथ जिला मुख्यालय पहुंचे तो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया। बताया जा रहा है कि आप की ओर से विनोद फोनिया को बदरीनाथ विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाए जाने की पेशकश की गई थी। जबकि उक्रांद की ओर से पूर्व में ही विनोद फोनिया को प्रत्याशी के रुप में घोषित करने की खबरें सामने आई थी। ब्यूरो
पूर्व विधायक केदार सिंह फोनिया का व्यक्तित्व ईमानदार छवि का रहा है। उन्होंने लंबे समय तक पार्टी की सेवा की है। उनके बेटे विनोद फोनिया यदि पार्टी में शामिल होते हैं तो उनका स्वागत है। वे बदरीनाथ सीट पर यदि दावेदारी करते हैं तो पार्टी फोरम में इस संबंध में चर्चा कर विचार किया जा सकता है।
-अजय भट्ट, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा