टंगसा गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त होने से ग्रामीण इन दिनों बारिश का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि 3 वर्ष पूर्व गांव की पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसका सुधारीकरण आज तक नहीं किया गया।
गीता देवी, नंदा देवी, दमयंती देवी और माहेश्वरी देवी का कहना है कि गांव में 300 ग्रामीण रहते हैं, लेकिन वर्तमान में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति के लिए गांव के एक मात्र कुएं पर निर्भर हैं। कुएं में पर्याप्त पानी न होने पर बारिश का पानी पीने को मजबूर हैं।
यहां पूर्व में बिछाई गई पेयजल लाइन तीन वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिसे आज तक दुरुस्त नहीं किया गया। गांव की जनसंख्या बढ़ने के कारण कुएं से पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिला पंचायत सदस्य भागीरथी कुंजवाल का कहना है कि गांव में सुचारु पेयजल आपूर्ति के लिए जिला योजना में प्रस्ताव रखा गया है।
वहीं जल संस्थान के अधिशासी अभियंता जेपी जोशी का कहना है कि गांव के लिए सप्लाई हो रही पेयजल लाइन के पुनर्गठन के लिए योजना तैयार की जा रही है। पेयजल निगम की ओर से प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। वित्तीय स्वीकृति मिलते ही पेयजल लाइन के पुनर्गठन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।