ब्लॉक सभागार में सतलुज जल विद्युत निगम ने सोड़िग गांव के लोगों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने कहा कि देवसारी डैम बनने से ग्रामीणों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। न तो ग्रामीणों का पुनर्वास किया जा रहा है और न ही मकानों की मरम्मत की अनुमति दी जा रही है। इस पर सतलुज परियोजना के प्रमुख ने कहा कि भूमि मिलने पर ग्रामीणों का पुनर्वास कर दिया जाएगा।
सतलुज जल विद्युत निगम की ओर से पिंडर नदी पर देवसारी जल विद्युत परियोजना बनाई जा रही है, जिससे कारण 31 ग्रामीणों के मकान खतरे की जद में आ रहे हैं। सोड़िग के ग्रामीणों ने मकानों की मरम्म्त करने की अनुमति देने, पुनर्वास की नीति स्पष्ट करने, बिना प्रभावितों की सहमति से कार्य न करने, बेरोजगारों को रोजगार देने और जमीन का मुआवजा देने की मांग की। सतलुज परियोजना के प्रमुख आशुतोष बहुगुणा ने कहा कि डीएम से सोड़िग के ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए 1.88 हेक्टेयर भूमि की मांग की है। भूमि मिलने पर पुनर्वास कर दिया जाएगा और जल्द अन्य समस्याएं भी सुलझा दी जाएंगी। बैठक में प्रमुख दर्शन दानू, प्रधान सुनीता देवी, क्षेपंस रमेश राम, प्रधान संघ अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट, पिंडारी संघर्ष समिति अध्यक्ष युवराज बसेड़ा, गबर सिंह, राजेंद्र सिंह, कुंवर गड़िया, हीरा सिंह, गोपाल सिंह, मान सिंह, तुलसी देवी, गुड्डी देवी, जसपाल सिंह, अनिल सिंह थे।