- सलूड़ डुंग्रा सड़क की मरम्मत में अनियमितता व लापरवाही का आरोप
ढोल नगाड़ों के साथ ज्योतिर्मठ पहुंचे ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, डीएम को भेजा ज्ञापन
ज्योतिर्मठ। सेलंग-सलूड़ डुंग्रा मोटर मार्ग की मरम्मत में अनियमितता और विभागीय लापरवाही का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने ज्योतिर्मठ में पीएमजीएसवाई का पुतला फूंका। ग्रामीणों ने 15 दिन में वित्तीय अनियमितता पर कार्रवाई और निर्माण कार्य शुरू करवाने की मांग की। ऐसा नहीं करने पर प्रशासन के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है।
रम्माण के लिए विश्व प्रसिद्ध सलूड़ डुंग्रा गांव की सड़क 80 के दशक में बनी थी। वर्तमान में सड़क की स्थिति बदहाल है। सेलंग से सलूड़ डुंग्रा तक करीब आठ किमी लंबी इस सड़क की मरम्मत के लिए शासन ने तीन साल पहले 8.5 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। इसमें पहाड़ कटान, चौड़ीकरण, डामरीकरण व अन्य सुधारीकरण कार्य किए जाने हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि तीन साल से चल रहा कार्य न तो अभी तक पूरा हुआ है और जो कार्य हुआ है न ही उसकी गुणवत्ता बेहतर है। कहीं डामर नहीं किया गया है तो कहीं पुरानी दीवार को खोलकर नई दीवार बना दी गई। साथ ही सड़क का चौकड़ीकरण भी नहीं किया गया। आज भी सड़क पर चलना जोखिम भरा बना हुआ है। यहां हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
उन्होंने नगर में रैली निकालते हुए पीएमजीएसवाई का पुतला फूंका, उसके बाद एसडीएम के माध्यम से डीएम को ज्ञापन प्रेषित किया। कहा कि 15 दिन में सड़क के सुधारीकरण में की जा रही अनियमितता पर कार्रवाई नहीं होती है और अविलंब निर्माण कार्य पूरा नहीं किया जाता है तो वे शासन-प्रशासन के खिलाफ आंदोलन शुरू कर देंगे।
प्रदर्शन करने वालों में सूलड़ की ग्राम प्रधान सुनीता देवी, मोल्टा की प्रधान संगीता देवी, सेलंग की रोशनी देवी, पगनो के रमेश चंद्र, डुंग्रा की रीना देवी सहित विभिन्न ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे।