पोखरी-चोपड़ा सड़क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि आठ किमी मार्ग निर्माण की दो मुख्यमंत्री घोषणा कर चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क नहीं बन सकी है। उन्होंने जल्द सड़क निर्माण न होने पर तहसील प्रदर्शन में भूख हड़ताल की चेतावनी दी। इसके बाद मांग का ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। सड़क में देरी पर एसडीएम ने लोनिवि के ईई को फटकार लगाई। इस पर ईई ने 30 अप्रैल तक सड़क निर्माण का लिखित आश्वासन दिया।
बृहस्पतिवार को पोखरी, चमेठी, नखोलियाना चोपड़ा सड़क निर्माण संघर्ष समिति के नेतृत्व में ग्रामीण पोखरी तहसील पहुंचे और प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने कहा कि पहले तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने 2014 और फिर वर्तमान सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 2018 में इस पोखरी-चोपड़ा सड़क की घोषणा की थी, लेकिन आज तक इस आठ किमी सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में चमेठी, किमगैर धार, खड़की, नखोलियाना और चोपड़ा के ग्रामीणों को आठ किमी पैदल चलना पड़ रहा है। एसडीएम वैभव गुप्ता ने सड़क निर्माण में देरी पर लोनिवि के ईई राजकुार को फटकार लगाई। इस पर ईई ने 30 अप्रैल तक सड़क निर्माण का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। प्रदर्शन करने वालों में संघर्ष समिति के अध्यक्ष मयंक वैष्णव, सुरजीत देवी, मंदोदरी पंत, दीपेंद्र चौधरी, महिंदर पंत, संतोष चौधरी, कुंवर सिंह चौधरी, मधुसूदन चौधरी, राजेंद्र कोठियाल, इकादशी देवी, सरोजनी देवी, गोदांबरी देवी, गुड्डी देवी, मंजू देवी और बीना देवी मौजूद रहे।