बुजुर्गों का कहना...
खैनुरी सड़क की शुरुआत जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी से होती है लेकिन आज तक कोई भी अधिकारी सड़क की दुर्दशा देखने नहीं पहुंचा। सड़क जगह-जगह से क्षतिग्रस्त है जिससे ग्रामीण गंतव्य तक जाने के लिए वाहन के बजाय पैदल आवाजाही करते हैं।
- त्रिलोक सिंह, 74 वर्षीय, खैनुरी गांव निवासी
सड़क निर्माण हुए 13 साल का समय हो गया है लेकिन आज तक यह वाहनों के चलने लायक नहीं बनी है। बुजुर्ग, बीमार और स्कूली बच्चों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के सुधारीकरण के लिए तीन बार आंदोलन कर चुके हैं, लेकिन सिर्फ आश्वासन ही मिला।
- दलीप सिंह नेगी, 68 वर्षीय, खैनुरी गांव निवासी।
जिलाधिकारी से कई बार सड़क सुधारीकरण की मांग कर चुके हैं। पीएमजीएसवाई और लोनिवि के अधिकारी सड़क सुधारीकरण में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। सड़क पर कहीं नाली नहीं है तो कहीं दीवार निर्माण नहीं हुआ है। अब सड़क के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ेंगे।
- विजय सिंह नेगी, 65 वर्ष, खैनुरी गांव निवासी।
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शीघ्र सड़क का निरीक्षण करने जाऊंगा। सड़क सुधारीकरण के लिए क्या-क्या कार्य किए जाएंगे, इसका प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। सड़क सुधारीकरण के लिए शासन से वार्ता भी की जाएगी।
- हिमांशु खुराना, डीएम, चमोली।