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लोकसभा से लेकर पंचायत चुनाव का किया बहिष्कार, लेकिन आज भी डुमक और कलगोठ गांव में नहीं पहुंची सड़क

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वर्षों से अपने गांवों को सड़क से जोड़ने की मांग कर रहे चमोली जिले के सबसे दूरस्थ डुमक और कलगोठ गांव के ग्रामीण अभी भी 20 किमी पैदल चलकर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। छह माह से स्यूंण गांव के समीप चट्टानी भाग पर कटिंग कार्य रुका हुआ है। इस कारण सड़क निर्माण भी नहीं हो पा रहा है।
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जोशीमठ ब्लाक में वर्ष 2007 में 32.43 किमी सैंजी लग्गा मैकोट-डुमक-कलगोठ सड़क के निर्माण को शासन से हरी झंडी मिली थी, लेकिन 13 वर्षों में सड़क का निर्माण मात्र 17 किलोमीटर तक ही हो पाया है। प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी, सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम सिंह सनवाल, सोभन सिंह, विक्रम सिंह, धूम सिंह, प्रताप सिंह, मनोज सिंह और लक्ष्मण सिंह सनवाल ने कहा कि आज दूरस्थ गांव भी सड़क से जुड़ चुके हैं लेकिन डुमक और कलगोठ गांव तक सड़क निर्माण नहीं हो पाया। क्षेत्र में आलू, चौलाई और राजमा का अधिक उत्पादन होता है, लेकिन उत्पादित वस्तुओं को सड़क तक पहुंचाने के लिए एक हजार रुपये तक ढुलान देना पड़ रहा है।
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