चमोली के जोखना आला के ग्रामीण नंदाकिनी नदी पर लकड़ी के पुल का निर्माण करते हुए।
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झूला पुल निर्मित न होने से परेशान ग्रामीणों ने सरकारी तंत्र का मुंह ताकने के बजाय स्वयं ही अस्थायी पुलिया का निर्माण कर दिया है। तीन सालों से नंदाकिनी नदी पर झूला पुल निर्मित न होने से परेशान जोखना आला के ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए सात किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी।
वर्ष 2013 की आपदा में नंदाकिनी नदी पर निर्मित पुलिया बह गई थी। वर्ष 2015 में लोनिवि की ओर से नंदाकिनी नदी पर झूला पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। पुल निर्माण को स्वीकृति मिल जाने के बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। ऐसे में ग्रामीणों ने लकड़ी से स्वयं ही अस्थाई पुल निर्माण कर दिया।
जोखना आला के ग्राम प्रधान दौलत सिंह बिष्ट बताया कि गांव में बैठक कर ग्रामीणों ने अस्थाई पुल निर्माण पर सहमति जताई और श्रमदान कर पुल निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इधर, मुख्य विकास अधिकारी मंगेश घिल्डियाल का कहना है कि नदी में पानी कम होने के बाद पुल निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। साथ ही लोनिवि से पुल निर्माण संबंधी प्रगति के बारे में जानकारी ली जाएगी।