मालकोट-सेरा-तेवाखर्क सड़क निर्माण में ग्रामीण तीसरे दिन भी जुटे रहे। ग्रामीणों ने कहा कि अब सड़क पूरी बनने के बाद ही चैन से बैठेंगे।
सड़क संघर्ष समिति के अध्यक्ष दयाल सिंह ने कहा कि वर्ष 2008 में सरकार ने करीब 31 लाख की लागत से बनने वाली तीन किमी सड़क की स्वीकृति दी थी। वन पर्यावरण मंत्रालय से 2019 में अनापत्ति मिलने पर इस मार्ग पर पड़ने वाले पेड़ों का छपान और पातन तक हो चुका था, लेकिन इससे आगे सड़क निर्माण की कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के आंदोलन पर 27 फरवरी 2020 को विधायक सुरेंद्र नेगी ने तीन माह में सड़क बनाने का आश्वासन दिया था। 11 माह बाद भी सड़क निर्माण न होता देख उन्होंने श्रमदान कर सड़क निर्माण की चेतावनी दी थी। इसके बाद ग्रामीण 26 जनवरी से श्रमदान कर सड़क निर्माण में जुटे हैं। इस दौरान ममंद अध्यक्ष रिंकी देवी, निकिता, मुन्नी देवी, तनुज, जशोदा, रूपा, ममता, पार्वती, जुपुली देवी, राकेश कुमार, मन्ना देवी, संजू देवी, शांति, दयाल सिंह, राजा राम, पूरन लाल, हुकम, हरेंद्र और नरेंद्र मौजूद रहे।