रेणी गांव में जल विद्युत परियोजना क्षेत्र में आ रहे मंदिर को परियोजना की निर्मात्री ऋषि गंगा कंपनी की ओर से तोड़ने पर ग्रामीण भड़क गए। ग्रामीणों ने कंपनी के विरोध में प्रदर्शन किया और इसकी शिकायत तहसील प्रशासन से की। तहसील प्रशासन की मध्यस्थता के बाद कंपनी के अधिकारियों ने दोबारा मंदिर निर्माण का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीण शंकर राणा और संग्राम सिंह का कहना है कि कंपनी के अधिकारियों और प्रशासन की मिलीभगत से मंदिर को नुकसान पहुंचाया गया है। यदि कंपनी की ओर से दूसरा मंदिर नहीं बनाया जाता तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। तहसीलदार चंद्रशेखर वशिष्ट ने बताया कि कंपनी और ग्रामीणों के बीच दूसरा मंदिर बनाने पर सहमति बन गई है। जहां भी ग्रामीण मंदिर के लिए जगह चयनित करेंगे, वहां मंदिर का निर्माण कर दिया जाएगा।