सूचना विज्ञान प्रौद्योगिकी के सचिव दीपक गैरोला एक माह में दूसरी बार उर्गम घाटी पहुंचे और रात्रि प्रवास कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि पूर्व में ग्रामीणों की ओर से उठाई गई समस्याओं को शासन के सामने रखा गया है।
ग्रामीणों ने इस बार उनके सामने क्षेत्र में निर्माणाधीन पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना से प्रभावित गांवों को रॉयल्टी के तौर पर निशुल्क बिजली देने की मांग की।
रविवार को सचिव दीपक गैरोला ने देवग्राम गांव में ग्रामीणों के बीच एक गोष्ठी की। उन्होंने बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के वैकल्पिक मार्ग के रूप में उर्गम घाटी को जोड़ते हुए गोपेश्वर-घिंघराण-मारवाड़ी सड़क के निर्माण पर जोर दिया।
उन्होंने कहा यदि इस सड़क का निर्माण होता है तो यह सामरिक महत्व के साथ ही बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा के सफल संचालन के लिए मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने कहा कि घाटी में तीर्थाटन और पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन विभाग को उर्गम घाटी का पोर्टल बनाने के लिए कहा जाएगा। इस मौके पर प्रधान संगठन के अध्यक्ष लक्ष्मण सिंह नेगी, उर्गम प्रधान हरीश परमार, नर्वदा देवी, पुरणी देवी, दुलभ सिंह रावत, सतीश चंद्र, बीएस रावत और विनीता पंवार आदि मौजूद थे।