ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त निधि से मिलने वाली धनराशि को क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों को सौंपने से जिले के प्रधानों में आक्रोश है। कहा गया यदि शासन ने जारी शासनादेश को वापिस नहीं लिया तो 22 दिसंबर से जिले में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
बैठक में प्रधान संगठन के राज्य प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में बुनियादी सुविधाएं देने के लिए शासन से जारी शासनादेश में राज्य वित्त की धनराशि को क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत में 40-60 के अनुपात में वितरण किया जाने लगा है, जो ग्राम प्रधानों के साथ छलावा है।
मनरेगा के कार्यों को पूरी तन्मयता के साथ संचालित किया जा रहा है। राज्य वित्त की धनराशि से गांवों के विकास को आगे बढ़ाया जाता था, लेकिन सरकार ने प्रधानों के हक को छीन लिया है।
कहा गया यदि शीघ्र शासनादेश को निरस्त नहीं किया गया तो 22 दिसंबर से जिले के ब्लाक और जिला मुख्यालय पर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
इस मौके पर ग्राम प्रधान राजेश लाल, संदीप खंडूड़ी, रविंद्र, संजय फर्स्वाण, मनोज कठैत, सुमन डिमरी, रामी देवी और कमला देवी आदि मौजूद थे।