आकाशवाणी के ए-ग्रेड कलाकार रहे
श्री प्रकाश वाजपेयी ने नौवीं कक्षा से ही रंगमंच की दुनिया में कदम रख दिया था। पढ़ाई के दौरान कॉलेज में नाटकों में सक्रिय रहने के बाद उन्होंने 'नाट्य भारती' नाम से अपना थिएटर ग्रुप बनाया। इस संस्था के माध्यम से उन्होंने अनेक नाटकों का सफल मंचन किया। समय के साथ अभिनय के प्रति उनका समर्पण और गहरा होता गया।
वे आकाशवाणी के ए-ग्रेड कलाकार रहे हैं। इसके साथ ही लखनऊ दूरदर्शन के भी अप्रूव्ड कलाकार रहे। सीनियर फूड इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत रहने के बावजूद उन्होंने अभिनय से अपना नाता कभी नहीं तोड़ा। लगभग 30 वर्षों तक दर्पण संस्था के साथ रंगमंच करते हुए उन्होंने समानांतर रूप से फिल्मों में भी काम किया।
ये भी पढे़ं...Chamoli: सरकारी अस्पताल की क्षतिग्रस्त दीवार भरभराकर गिरी, मलबे में दबे डॉक्टर, हायर सेंटर ले जाते हुए मौत
सेवानिवृत्ति के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह अभिनय के लिए समर्पित कर दिया। उनकी पहली फिल्म 'बाबर' थी, जिसमें उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण किरदार निभाया। इसके बाद 'शोरगुल', 'लखनऊ टाइम्स', 'आई एम नॉट देवदास', 'लफ्ज', 'प्रणाम', 'बीवी डॉट कॉम', 'जॉली एलएलबी-2', 'वन टू का फोर' और 'बारात कंपनी' जैसी फिल्मों में भी उन्होंने अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया। इनमें से अधिकांश फिल्मों की शूटिंग लखनऊ में हुई, जबकि कुछ फिल्में विभिन्न कारणों से रिलीज नहीं हो सकीं।