औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक मेला गौचर के पांचवें दिन भूतपूर्व सैनिक और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रितों का सम्मेलन आयोजित किया गया।
सम्मेलन में पहुंचे सैनिक कल्याण एवं कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य है जहां भूतपूर्व सैनिकों को सबसे ज्यादा सहायता और सुविधाएं मिल रही हैं।
उन्होंने शहीदों की पत्नियों को योग्यता अनुसार तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर उपनल के माध्यम से नियुक्ति करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने कई घोषणाओं की झड़ी लगा दी।
सम्मेलन में सैनिक कल्याण मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने उत्तराखंड में खेती को बढ़ावा देने की बात करते हुए कहा कि सरकार की पहल पर प्रदेश में कृषि का ग्राफ बढ़ा है।
सभी मंत्री और विधायकों के खेत आबाद होने चाहिए चाहे उसकी उपज कोई भी खाए। डा. रावत ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भीम सिंह बिष्ट को सम्मानित किया और मंगलवार को कुपवाड़ा में शहीद हुए कर्नल संतोष को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर डिप्टी स्पीकर डा. अनुसूया प्रसाद मैखुरी, नगर पालिका अध्यक्ष मुकेश नेगी, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल नवीन डबराल, कुमाऊं रेजीमेंट रुद्रप्रयाग के सीओ राजीव नयन सिंह, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हरि सिंह रावत, नगर अध्यक्ष विजय प्रसाद डिमरी और अजय किशोर भंडारी आदि ने कई मांगें मंत्री के सामने रखीं।
ये की घोषणाएं
1- उपनल के माध्यम से कालेश्वर में सैनिक अस्पताल की भूमि का आठ लाख रुपये का टैक्स एक सप्ताह में जमा करने।
- थराली में सैनिक विश्राम गृह की स्थापना करने।
- गौचर में वैटनरी कॉलेज में जुलाई से वैटनरी फार्मेसी और बीएससी कृषि की कक्षाएं शुरू करने।
- गौचर मेले के आयोजन का खर्चा प्रदेश सरकार से दिलाने।
- प्रदेश के कृषि मंत्रालय की ओर से गौचर मेले के आयोजन में सहयोग देने के लिए हर वर्ष 2 लाख की धनराशि देने।
- चमोली जिले में सैनिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करने।
- अर्द्ध सैनिक बलों को कैंटीन और मदिरा सुविधाओं का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने।
- प्रदेश के पूर्व सैनिकों को मदिरा टैक्स में छूट देने की घोषणा।
सैनिक सम्मेलन में सम्मानित वीर नारियां
- सुरेशी देवी माता स्व. सुर्जन सिंह भंडारी राइफल मैन कीर्तिचक्र, विशेश्वरी देवी पत्नी स्व. सुरेंद्र सिंह राइफल मैन सेना मेडल, शांति देवी पत्नी स्व. सुरेंद्र सिंह, विनीता देवी पत्नी स्व. राजेंद्र प्रसाद, जमनी देवी पत्नी स्व. संत सिंह, मौला देवी पत्नी स्व. नारायण सिंह (राइफल मैन), कांता देवी पत्नी स्व. दरवान सिंह सिपाही।