उर्गम घाटी में बृहस्पतिवार रात हुई बारिश से घाटी के गांवों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। घाटी को जोड़ने वाले एक मात्र मोटर मार्ग के बाधित होने से घाटी अलग-थलग पड़ गई है। उर्गम गांव में कल्प गंगा पर बना अस्थाई पुल नदी का जल स्तर बढ़ने से बह गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हो गए हैं।
उर्गम घाटी में बृहस्पतिवार रात को हुई बारिश से भेंटा, भर्की, देवग्राम, उर्गम, बडगिंडा, अरोसी, पिलखी सहित दर्जन भर गांवों के ग्रामीण घाटी में ही कैद हो गए हैं। घाटी को जोड़ने वाला एकमात्र हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग बारिश के कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गया है।
मोटर मार्ग में जगह-जगह मलबा जमा होने से पैदल मार्ग भी खतरनाक हो गया है। ग्रामीण पैदल रास्तों पर जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासी लक्ष्मण सिंह और अब्बल सिंह का कहना है कि घाटी का मोटर मार्ग और कल्प गंगा पर बना पैदल पुल वर्ष 2013 की आपदा के दौरान क्षतिग्रस्त हो गए थे। ग्रामीण लगातार जिला प्रशासन से मोटर मार्ग सुधारीकरण और पुल निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
इधर, जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन का कहना है कि हेलंग-उर्गम मोटर मार्ग को सुचारु करने के लिये विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मोटर मार्ग शीघ्र सुचारु कर लिया जाएगा। साथ कल्प गंगा पर पुल निर्माण के लिए विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दे दिए गए हैं।