भले ही मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चमोली जनपद को 13 वें राजकीय प्रौद्योगिक संस्थान की सौगात दी हो, लेकिन यहां पूर्व से संचालित 12 संस्थान वर्षों से प्रधानाचार्य और अनुदेशकों की कमी झेल रहे हैं।
व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से जिले में 12 राजकीय प्रौद्योगिक संस्थान (आईटीआई) खोले गए हैं, लेकिन मात्र कर्णप्रयाग और देवाल के आईटीआई में प्रधानाचार्य तैनात है। वहीं अनुदेशक के पदों पर 60 फीसदी उपनल के माध्यम से तैनाती की गई है। राजकीय प्रौद्योगिक संस्थान कर्णप्रयाग के प्रधानाचार्य डीएस नेगी का कहना है कि संस्थानों में प्रधानाचार्यों, अनुदेशकों व कर्मचारियों की स्थायी तैनाती के लिए लगातार शासन से पत्राचार किया जा रहा है।
ये है जिले के राजकीय प्रौद्योगिक संस्थान
राजकीय प्रौद्योगिक संस्थान कर्णप्रयाग, गोपेश्वर, तपोवन, देवाल, नारायणबगड़, घाट, बंड पीपलकोटी, हेलंग, पोखरी, हापला, सोनला, बछेर और नंदासैंण।