2013 की आपदा में शुरू हुआ भूधंसाव, 12 आवासीय मकानों को बना है खतरा
गोपेश्वर/पीपलकोटी। बदरीनाथ हाईवे पर बने भूधंसाव क्षेत्र गडोरा का ट्रीटमेंट शुरू हो गया है। यहां पिछले 12 सालों से भूधंसाव हो रहा था इससे क्षेत्र में रह रहे 12 परिवारों को खतरा बना हुआ है। हर साल इस क्षेत्र में भूधंसाव का दायरा बढ़ता जा रहा था। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से चार मशीनों के जरिये पहाड़ी का कटान किया जा रहा है। वर्ष 2013 की आपदा के दौरान गडोरा में भूधंंसाव शुरू हुआ था। ग्रामीणों ने कई बार शासन-प्रशासन से भूधंसाव क्षेत्र के ट्रीटमेंट और मकानों को हुए नुकसान के मुआवजे की मांग उठाई, मगर इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
अब ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत एनएचआईडीसीएल की ओर से करीब 30 मीटर हिस्से में सेल्फ ड्रिलिंग एंकर करने के बाद ग्राउटिंग की जाएगी। वर्तमान में पहाड़ी की ढलान को जेसीबी से समतल किया जा रहा है। नगर पंचायत पीपलकोटी के पूर्व अध्यक्ष रमेश बंडवाल का कहना है कि कई बार मांग किए जान पर अब ट्रीटमेंट शुरू हुआ है। ट्रीटमेंट आधे हिस्से में किया जा रहा है।आवासीय मकानों की सुरक्षा के लिए ट्रीटमेंट कार् मकानों के नीचे से किया जाना चाहिए। इस संबंध में जिला प्रशासन से वार्ता की जाएगी। इधर, एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों का कहना है कि आगामी वर्ष की चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले यहां ट्रीटमेंट पूरा कर लिया जाएगा।