देश के अंतिम गांव माणा की भोटिया जनजाति की महिलाओं को डिजायन वाले ऊनी कपड़े बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट की ओर से दिए गए प्रशिक्षण का समापन जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने किया। यह प्रशिक्षण तीन दिसंबर से शुरू हुआ था और लॉकडाउन के कारण बीच में रोक दिया गया था। अब बृहस्पतिवार को इसका समापन हुआ।
बदरीनाथ धाम की यात्रा के दौरान यात्री बड़ी संख्या में माणा गांव भी घूमने जाते हैं और यहां से ऊनी कपड़े खरीदते हैं। इन कपड़ों को और बेहतर ढंग से डिजायन करने के लिए महिलाओं को प्रशिक्षण दिया गया। एक्सपोर्ट प्रमोशन कौंसिल मिशन हैंडीक्राफ्ट के निदेशक राकेश कुमार ने बताया कि महिलाओं को ऊनी दोखा, मफलर, टोपी, स्वेटर, पंखी, कंबल, कोट, कुर्ता आदि को नए तरीके से बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। अब यहां के बनाए कपड़े भी नए लुक में दिखेंगे। संवाद