थराली ब्लॉक में 2006 से निर्माणाधीन जिला पंचायत के पर्यटन आवास गृह का कार्य पूरा न होने पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने तीन अधिकारियों के वेतन रोकने का निर्देश दिया है। जिला पंचायत अध्यक्ष मुन्नी शाह ने आवास गृह का कार्य पूर्ण न होने पर जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, अभियंता और अवर अभियंता के वेतन रोकने के निर्देश दे दिए हैं।
वर्ष 2006 में 60 लाख 79 हजार की लागत से जिला पंचायत के पर्यटन आवास गृह का निर्माण कार्य शुरू हुआ। लेकिन जिला पंचायत के अधिकारियों और ठेकेदार की लापरवाही के चलते पर्यटन आवास गृह का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पाया है।
जबकि अनुबंध के आधार पर उक्त आवास गृह का निर्माण कार्य वर्ष 2008 के नवंबर माह तक पूर्ण होना था। वर्तमान में पर्यटन आवास गृह में बिजली और पानी की सुविधा तक नहीं है। भवन निर्माण पर अभी तक 53 लाख 17 हजार रुपये खर्च हो चुके हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष शाह का कहना है कि अभियंताओं की लापरवाही के चलते अभी तक पर्यटन आवास गृह का कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है। मामला संज्ञान में आते ही अपर मुख्य अधिकारी के साथ ही दो अभियंताओं की वेतन रोकने के निर्देश दे दिए गए हैं।
46 लाख रुपये का हुआ नुकसान
चमोली जिला पंचायत ने पर्यटन आवास गृह के वर्ष 2013 में निर्माण कार्य पूर्ण होने की प्रत्याशा में 12 मार्च 2008 को क्षेत्र में निर्माणाधीन देवसारी जल विद्युत परियोजना की निर्मात्री कंपनी सतलुज के साथ भवन किराए पर देने का अनुबंध कर दिया।
अनुबंध के हिसाब से भवन का प्रतिमाह का किराया 48 हजार 670 रुपये तय हुआ। लेकिन आज तक भवन के हस्तांतरित न होने से जिला पंचायत को 46 लाख 72 हजार 320 रुपये का नुकसान हो चुका है।