- जलसैलाब में 20 मीटर पेयजल पाइपलाइन बही, 10 से अधिक गांवों की बिजली गुल मूसाउडियार-बूंगा पैदल पुलिया बहने से संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त
-बारिश से संपर्क मार्ग टूटे, पैदल पुलिया भी बही, नारायणबगड़-किमोली मोटर मार्ग हुआ बंद
नारायणबगड़। नारायणबगड़ क्षेत्र में शुक्रवार देर शाम हुई मूसलाधार बारिश और गाड-गदेरों में आए जलसैलाब ने व्यापक तबाही मचाई। अतिवृष्टि के कारण एक महिला घायल हो गई, पेयजल योजना की पाइपलाइन बह गई, 10 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई और कई संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए। वहीं मूसाउडियार और बूंगा गांव को जोड़ने वाली पैदल पुलिया भी उफनते गदेरे में बह गई। प्रशासन और संबंधित विभाग क्षति की भरपाई तथा व्यवस्थाओं को बहाल करने में जुटे हुए हैं।
बारिश के दौरान उफनाए नाले की चपेट में आकर किमोली गांव की बीरा देवी घायल हो गई थीं। उनका उपचार श्रीनगर के बेस अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है। उनकी बेटी रूही को प्राथमिक उपचार के बाद शुक्रवार शाम को ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।
अतिवृष्टि से जल जीवन मिशन के तहत नारायणबगड़ बाजार और केवर तल्ला गांव के लिए बनाई गई पेयजल योजना को भी भारी नुकसान पहुंचा है। योजना की करीब 20 मीटर लंबी पाइपलाइन बह जाने से दोनों क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं बारिश के दौरान हाईटेंशन विद्युत लाइन पर पेड़ गिरने से बेडूला, चिरूना, नैणी, मूसाउडियार, स्वान तल्ला-मल्ला, बुआरकोट, आगर, बूंगा और किमोली सहित 10 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति शुक्रवार शाम से बाधित है। विद्युत व्यवस्था को सुचारु करने के लिए यूपीसीएल के कर्मचारी शनिवार सुबह से मरम्मत कार्य में जुटे रहे, लेकिन देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी।
नैणी गांव के रमेश नैनवाल ने बताया कि मूसाउडियार और बूंगा गांव को जोड़ने वाली पैदल पुलिया गदेरे में आए तेज उफान की भेंट चढ़ गई है। इसके अलावा अधिकांश गांवों के संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के कारण कई स्थानों पर भारी मात्रा में मलबा आने से नारायणबगड़-किमोली मोटर मार्ग भी अवरुद्ध हो गया था। मार्ग को यातायात के लिए सुचारु करने हेतु लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी मशीन लगाकर मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है। प्रशासन और संबंधित विभाग प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य करने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।