गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की डोली और बदरीनाथ के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी रविवार को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए हैं। दोपहर बाद रात्रि प्रवास के लिए यात्रा पांडुकेश्वर के योग ध्यान बदरी मंदिर पहुंची।
सोमवार को गरुड़ जी और उद्घव जी की डोली के साथ यात्रा बदरीनाथ धाम पहुंचेगी और 18 मई को सुबह 4.15 बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खोल दिए जाएंगे। रविवार को जोशीमठ नृसिंह मंदिर में आचार्य ब्राह्मणों की ओर से विधिवत पूजा-अर्चना की गई। नृसिंह भगवान का अभिषेक किया गया। इस दौरान मंदिर में पहुंचे श्रद्घालुओं ने जय बदरी विशाल के जयकारों के साथ आदि गुरु शंकराचार्य की गद्दी और तेल कलश यात्रा को बदरीनाथ धाम के लिए रवाना किया। इस मौके पर धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल सहित कई लोग मौजूद थे। पालिका जोशीमठ की ओर से मंदिर परिसर के साथ ही विभिन्न जगहों पर ब्लीचिंग पाउडर और सैनिटाइजर का छिड़काव किया गया।