सात मार्च से लापता एक युवक का शव शुक्रवार को गंडीक गांव से गड्ढे में दबा मिला था। पुलिस ने मृतक के परिजनों की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। राजस्व पुलिस ने मामले में शनिवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया, जबकि एक फरार है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। हत्या कर शव गड्ढे में क्यों दबाया गया इसका पता नहीं चल पाया है।
बछुवाबाण (गैरसैंण) के कालूबिष्टसेरा गांव का रणजीत सिंह बिष्ट ठेकेदार कैलाश थपलियाल के साथ चालक का काम करता था। छह मार्च को रणजीत ने पत्नी को फोन कर होली पर घर आने की बात कही थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंचा। सात मार्च से उसका फोन भी बंद था। 11 मार्च को रणजीत के परिजन नलगांव आए और लोगों से उसके बारे में पूछताछ की। इसके बाद परिजनों ने रणजीत सिंह की गुमशुदगी की तहरीर थाना पुलिस थराली को दी। पुलिस ने छानबीन की तो रणजीत के मोबाइल की आखिरी लोकेशन गंडीक गांव मिली। शुक्रवार को पुलिस ने गंडीक रोड साइट पर काम कर रहे मुंशी मान सिंह और अन्य से पूछताछ की। पहले तो उन्होंने कुछ भी जानकारी होने से इंकार किया लेकिन जब पुलिस ने कड़ाई से पूछा तो मुंशी ने बताया कि रणजीत का शव गड्ढा कर मिट्टी में दबाया है। घटना स्थल राजस्व पुलिस के क्षेत्रांतर्गत होने के कारण पुलिस ने राजस्व पुलिस को सूचना दी। सूचना पर राजस्व उपनिरीक्षक राजेश्वरी रावत और मनीष रावत तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और गड्ढा खोदकर शव को बाहर निकाला। मृतक के परिजनों ने शव की शिनाख्त कर राजस्व पुलिस चौकी नलगांव में चार लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। राजस्व उपनिरीक्षक राजेश्वरी रावत ने बताया कि नामजद आरोपियों में मुंशी मान सिंह ग्राम-गंडीक मल्ला, पप्पूलाल बूंदी राजस्थान, जयवीर खत्री ग्राम-गंडीक तल्ला को हिरासत में लिया है, जबकि एक अन्य आरोपी सन्नी फरार है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।