नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन ने अपनी गश्ती टीमों को अलर्ट कर दिया है। पार्क की ओर से तीन गश्ती दलों को उच्च हिमालयी क्षेत्रों के लिए रवाना कर दिया है। एक जून को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क और फूलों की घाटी को पर्यटकों के लिए खोला जाना था, लेकिन कोरोना के कारण दोनों राष्ट्रीय उद्यान बंद पड़े हैं, जिससे यहां वन्य जीवों की तस्करी की आशंका बनी हुई है।
बुधवार को नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क का एक दल वंशीनारायण से होते हुए उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पहुंचा, जबकि दूसरा दल नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क में धराशी पास और तीसरा दल कुंवारीपास की ओर रवाना हुआ। ये दल क्षेत्र का निरीक्षण कर एक सप्ताह में लौटेंगे। ये उच्च हिमालयी क्षेत्रों में मानवीय गतिविधि व वन्य जीवों की स्थिति के बारे में नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क प्रशासन को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। एक टीम को फूूलों की घाटी के लाता क्षेत्र में भी भेजा गया है। यहां अति दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव जंतु, पशु, पक्षी रहते हैं। यहां वन तस्करों के घुसने की अधिक संभावना बनी रहती है। कई बार तस्करों के कुमाऊं क्षेत्र से भी गढ़वाल रेंज के जंगलों में घुसने की संभावना बनी रहती है, जिसे देखते हुए राष्ट्रीय पार्क ने अपने टीमों को अलर्ट मोड में रख दिया है। वहीं नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के उपवन संरक्षक नंद बल्लभ शर्मा ने बताया कि हर हफ्ते सभी उच्च हिमालई क्षेत्रों में जिनकी ऊंचाई 3000 से 4000 मीटर तक की है, वहां तक गश्ती दलों को भेज दिया है। तस्करों की धर पकड़ के लिए टीम को रवाना किया गया है, जिसमें महिलाएं वन आरक्षी वन दरोगा भी शामिल हैं।