तहसील कर्णप्रयाग के चूला गांव में तीन दिन पहले बुखार व उल्टी-दस्त से रविंद्र सिंह की नौ वर्षीय बेटी नैना की मौत हो गई थी, जबकि अन्य बच्चे बीमार हो गए। इसकी सूचना पर डॉक्टरों की टीम ने चूला गांव पहुंची और लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। तीन बच्चों में और बुखार मिला। डॉक्टरों ने आशंका जताई कि दूषित पानी पीने से लोगों की तबियत खराब हो रही है। डॉक्टरों ने पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।
चूला गांव में कई दिनों से दूषित पानी की आपूर्ति हो रही है। मजबूरी में दूषित पानी पीने से ग्रामीण बीमार पड़ रहे हैं। उपजिला अस्पताल के डॉ. मनोज मिश्रा ने बताया कि रविवार को डॉ. मनोज मिश्रा, पूनम, फार्मेसिस्ट संजय डंडरियाल, आशुतोष शुक्ला आदि गांव पहुंचे और 60 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। तीन बच्चों में बुखार मिला जिस पर उन्हें दवाइयां दी गईं। उन्होंने आशंका जताई कि दूषित पानी पीने से लोग बीमार हो रहे हैं। उन्होंने सतर्कता के तौर पर लोगों को पानी उबालकर पीने की सलाह दी।
चूला गांव में साफ पानी की आपूर्ति की जा रही है। पानी का स्रोत गांव से करीब 10 किमी दूर है और टैंक की सफाई भी नियमित की जाती है। गांव में एक प्राकृतिक धारा है और ग्रामीण उससे भी पानी पीते हैं। फिर भी पानी का टैंक चेक कराया जाएगा। - जेएस बिष्ट, जेई जल संस्थान कर्णप्रयाग।