सड़क के लिए डुमक गांव के ग्रामीण सातवें दिन भी आंदोलनरत
जिलाधिकारी ने की वार्ता मगर नहीं माने ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
गोपेश्वर। सड़क की मांग को लेकर डुमक गांव के ग्रामीणों का धरना और आमरण अनशन सोमवार को सातवें दिन भी जारी रहा। रविवार रात को स्वास्थ्य बिगड़ने पर छह दिन से अनशन पर बैठे जगदीश और चार दिन से बैठे मेहरबान और रघुनाथ सिंह ने डॉक्टरों की सलाह पर अनशन तोड़ दिया जबकि अब स्वामी कालिकानंद सरस्वती, मनोज सिंह और विक्रम सिंह आमरण अनशन पर बैठ गए। सोमवार को डीएम ने ग्रामीणों को वार्ता के लिए बुलाया लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
डीएम ने सड़क संघर्ष समिति को बताया कि नेशनल जियोग्राफिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट हैदराबाद की टीम के भूगर्भीय सर्वेक्षण करने के बाद 10 किमी स्यूण-डुमक सड़क पर काम शुरू होगा। जबकि पीएमजीएसवाई की टीम ने डुमक से कलगोठ सड़क निर्माण का सर्वेक्षण कर लिया है। जल्द इसकी रिपोर्ट जिला प्रशासन को मिल जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मगर ग्रामीण स्यूण-डुमक (10 किमी) सड़क निर्माण की समय सीमा तय करने और कलगोठ-डुमक (7 किमी) सड़क पर शीघ्र जेसीबी से हिल कटिंग का काम शुरू करने की मांग पर अड़े रहे। इस मौके पर संघर्ष समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह भंडारी, संरक्षक प्रेम सिंह सनवाल, आशीष सनवाल, हेमंत रावत, अनमोल सनवाल और अंकित भंडारी आदि मौजूद रहे।
आमरण अनशन जारी, नौ और ग्रामीण क्रमिक अनशन पर बैठे
गैरसैंण। अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, महाविद्यालय में स्नातकोत्तर स्तर पर विज्ञान संकाय शुरू करने सहित 14 सूत्री मांगों को लेकर आमरण अनशन छठवें दिन सोमवार को भी जारी रहा। व्यापार संघ अध्यक्ष सुरेंद्र बिष्ट आमरण अनशन पर हैं। उनका वजन भी गिरा है मगर प्रशासन की ओर से उनकी सुध नहीं ली जा रही है। जबकि उनके समर्थन में कांडा गांव के नरेंद्र बिष्ट, लखपत सिंह, जगदीश शाह, जसपाल सिंह, दीपक बिष्ट, अजीत शाह, हरीश बिष्ट, खीम सिंह, विक्रम सिंह सुरेंद्र बिष्ट के समर्थन में क्रमिक अनशन पर बैठ गए।
सोमवार को कांडा, तोल्यूं, छजगाड़ सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण रामलीला मैदान पहुंचे। इस दौरान धारगैड़ के तौल्यूं, सलियांणा व छजगाड़ गांव की महिला मंगल दल के सदस्यों ने आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की मांग की। अनशन को जगदीश ढौंडियाल, कुंवर रावत, गोपाल पंत, शंभू गौड़, पवन कुमार, मदन शाह, दीवानी राम, ओम प्रकाश टम्टा आदि ने समर्थन दिया। संवाद