निजमुला घाटी स्थित ऐतिहासिक दुर्मीताल को फिर से संवारने के लिए जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही चमोली जिले में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए ताल और बुग्यालों के संरक्षण और इनको पर्यटन और तीर्थाटन से जोड़ने की मुहिम भी शुरू की जाएगी।
यहां आयोजित पत्रकार वार्ता में सामाजिक कार्यकर्ता आनंद सिंह राणा और पाणा-ईराणी के ग्राम प्रधान मोहन नेगी ने बताया कि पर्यटन और तीर्थाटन बढ़ाने के लिए निजमुला घाटी में 50 साल पहले नष्ट हो चुके दुर्मीताल को फिर से संवारने के लिए एक जनआंदोलन किया जाएगा। यह क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए बेहतर जरिया हो सकता है। कहा कि चमोली जिले में कई ताल और बुग्याल हैं, लेकिन वह पर्यटन से नहीं जुड़ पाए हैं। इनको राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर ले जाने के लिए सुदृढ़ प्रयास करने होंगे। कहा कि जल्द ही आम लोगों से वार्ता कर एक अभियान शुरू किया जाएगा।