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ब्रह्मदेव मंडी बॉर्डर: नेपाल के हालात पर सीमा के दोनों तरफ बेचैनी, सोशल मीडिया एप्स बंद; लोगों ने बयां की दर्द

Tue, 09 Sep 2025 03:26 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, चंपावत

सार

संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सोमवार देर शाम नेपाल सीमा ब्रह्मदेव मंडी पर पहुंचकर हालातों का जायजा लिया। इस दौरान लोगों ने अपनी पीड़ा बयां की।
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नेपाल के महेंद्रनगर में प्रदर्शन करते युवा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन के बाद नेपाल में लोगों में आक्रोश वहीं भारत की सीमा से लगे होने के चलते यहां सतर्कता बढ़ा दी गई है। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने सोमवार देर शाम नेपाल सीमा ब्रह्मदेव मंडी पर पहुंचकर हालातों का जायजा लिया। इस दौरान लोगों ने अपनी पीड़ा बयां की। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता की पीड़ा को समझना चाहिए और रोक हटानी चाहिए।

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सोमवार को भारत के अस्पताल में इलाज कर वापस नेपाल लौट रही बेलोरी निवासी सरस्वती कुमारी चौधरी ने बताया कि उनके पति कल्लू राना पिछले 18 महीने से दुबई में नौकरी कर रहे हैं। घर में उनके साथ 18 माह की पुत्री खुशी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से पति से संपर्क नहीं हो पा रहा है जबकि सोशल मीडिया सस्ता होने के चलते पहले रोज बात होती थी। मटैना निवासी पुष्पा लोहार ने बताया कि सोशल मीडिया का काफी लाभ मिलता था लेकिन तीन दिन से एप्स बंद होने से खासी परेशानी हो रही है।

तीन दिनों से घर में बच्चे भी परेशान हैं क्योंकि वह बाहर रह रहे अन्य परिजनों से बात ही नहीं कर पा रहे हैं। सरकार का सोशल मीडिया एप्स बंद करने का निर्णय गलत है। कमल चंद, ब्रह्मदेव मंडी, नेपाल
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सोशल मीडिया बंद करने से महेंद्रनगर में भड़के युवा, सड़कों पर उतरे
नेपाल में सोशल मीडिया बंद किए जाने से कंचनपुर में भी युवा और किशोर आंदोलन पर उतर आए हैं। सोमवार को उन्होंने महेंद्रनगर बाजार और सरकारी निकायों में विरोध जताया। नेपाल के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले बनबसा के कारोबारी भी चिंतित हैं।

युवाओं ने सरकार के खिलाफ विरोध जता नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कुठाराघात करने का आरोप लगाया। वह देश में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त करने की भी मांग करने लगे हैं। नेपाल के एक गुट जेनजी के युवा सुजीत श्रेष्ठा ने कहा कि सरकार नागरिकों के साथ अन्याय कर रही है। कहा कि पहले युवा भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार को चेताता था लेकिन अब सोशल मीडिया बंद किए जाने से युवा सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। युवती जानकी जोशी ने कहा कि सरकार अपनी कमी छुपाने को सोशल मीडिया बंद कर अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार बैठी है। इधर, भारत नेपाल के बीच होने वाले व्यापार पर भी नेपाल के सोशल मीडिया बंद होने का असर पड़ने लगा है। बनबसा व्यापार मंडल अध्यक्ष भरत भंडारी ने कहा कि फोन पर बात नहीं होने पर कारोबारियों को नेपाल जाने को विवश होना पड़ेगा। इससे काफी समय खराब होगा।

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