देवाल। विकासखंड के वाण ग्राम पंचायत के भीड़िंग तोक न सड़क से जुड़ पाया और ना ही यहां आसपास कोई अस्पताल है। ऐसे में बीमार या गर्भवती महिलाओं के साथ ही ग्रामीणों को भी इससे तमाम दिक्कतों से जूझना पड़ता है। रविवार को भीड़िंग गांव के ग्रामीणों ने एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होेने पर दो किमी पैदल सड़क तक पहुंचाया। जिसके बाद निजी वाहन से 45 किमी दूर अस्पताल पहुंचाया।
भीड़िंग गांव की भारती देवी को प्रसव पीड़ा हुई। सड़क नहीं होने पर ग्रामीणों ने डंडी में भारती देवी को दो किमी दूर सड़क तक पैदल पहुंचाया। फिर उसे निजी वाहन से 45 किमी दूर देवाल अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका उपचार चल रहा है। भीड़ि़ंग तोक के कृष्णा सिंह, उदय सिंह, हीरा सिंह गढ़वाली, वाण के हयात सिंह, सुरेन्द्र सिंह, खिलाफ सिंह, आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी देवी, खिलपा देवी आदि ने गर्भवती को सड़क पहुंचाने में मदद की।
हीरा सिंह गढ़वाली ने बताया कि सड़क के अभाव में भीड़िंग तोक तक 3 किमी सड़क स्वीकृत है। लेकिन आज तक यहां सड़क का कार्य शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि वाण गांव नंदा राजजात यात्रा का अंतिम बसागत गांव है। जबकि वेदनी बुग्याल, मोनाल टॉप, रूपकुंड ट्रैक का बेस कैंप गांव होने के कारण यहां हर साल हजारों पर्यटक आते हैं। लेकिन स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर एएनएम सेंटर और एकमात्र आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। आपातकालीन स्थिति और गर्भवतियों को प्राथमिक उपचार के लिए 45 किमी दूर देवाल जाना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि वाण गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुलना चाहिए जिससे आने वाली राजजात यात्रा में श्रद्धालुओं को भी दिक्कत न हो पाए। वहीं लोनिवि के ईई दिनेश मोहन गुप्ता ने कहा कि भीड़िंग की सड़क का कोई प्रपोजल विभाग के पास नहीं आया है।