तहसील के सुनाऊं तल्ला और देवलग्वाड़ के जंगलों में लगी आग महिलाओं के प्रयास से बुझ गई। महिलाओं की पहल पर करीब सौ से अधिक ग्रामीण गांव की वन पंचायत से लगे रिजर्व फॉरेस्ट में लगी आग बुझाने में जुटे रहे। कुछ समय बाद वन विभाग की टीम पर मौके पर पहुंची। पांच घंटे की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने आग पर काबू पा लिया।
ग्राम प्रधान मुकेश पुरोहित ने बताया कि सोमवार की शाम पांच बजे गांव की कुछ महिलाओं ने गांव के ठीक ऊपर तीन किमी दूर वन पंचायत से लगे रिजर्व फारेस्ट में आग की लपटें उठती देखीं। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। आग बढ़ती देख महिलाओं ने वन विभाग का इंतजार नहीं किया और खुद ही कच्ची घास और कनस्तरों व गैलनों से पानी ढोकर आग बुझाने में जुट गईं।
महिलाओं का हौसला देेख गांव के सौ से अधिक अन्य ग्रामीण भी आग बुझाने में जुट गए। ढालू के वन पंचायत सरपंच महिपाल सिंह, देवलग्वाड़ की प्रधान विमला देवी और क्षेत्र पंचायत सदस्य दीपा देवी भी आग बुझाने में जुट गए। आधे घंटे बाद वन क्षेत्राधिकारी गोपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रात दस बजे तक जंगल की आग पर काबू पा लिया गया।
आग बुझाने वालों में वन आरक्षी राकेश गुर्साइं, वन पंचायत सरपंच बसंती देवी, माहेश्वरी देवी, पूजा देवी, देवकी देवी, राधा देवी, महेशी देवी, सावित्री देवी, सरस्वती देवी, माहेश्वरी देवी, विमला देवी, राधा देवी, माहेश्वरी देवी, राकेश चंद्र, लक्ष्मी प्रसाद, गीता देवी, शांति देवी, जानकी देवी, पूजा, सुमन देवी, सुशीला देवी सहित कई महिलाएं और ग्रामीण शामिल थे।