ठंड बढ़ते ही देश के अंतिम गांव माणा के ग्रामीण अब निचले क्षेत्रों की ओर लौटने लगे हैं। माणा गांव के ग्रामीण शीतकाल में जिले के घिंघराण गांव में रहते करते हैं। अभी तक करीब पचास परिवार घिंघराण गांव लौट चुके हैं। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार पर्यटक माणा गांव और यहां के धार्मिक स्थलों का दीदार नहीं कर पाए।
ग्राम प्रधान पीतांबर मोल्फा ने बताया कि ठंड बढ़ने से ग्रामीण मवेशियों के साथ निचले क्षेत्रों की ओर लौटने लगे हैं। शीतकाल में ग्रामीण घिंघराण गांव में खेतीबाड़ी करते हैं। इस बार कोरोना संक्रमण के कारण ग्रामीणों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। चारधाम यात्रा के दौरान माणा गांव के भोटिया जनजाति के ग्रामीणों का ऊन का मुख्य व्यवसाय है। तीर्थयात्री माणा गांव के ऊनी वस्त्रों की जमकर खरीदारी करते हैं, लेकिन अप्रैल से 15 अक्तूबर तक गांव में लॉकडाउन रहने से उनके ऊनी वस्त्र नहीं बिक सके।