लोनिवि इसी माह से शुरू करेगा कार्य, ज्योतिर्मठ पहुंचने लगीं मशीनें
विमल सिंह
गोपेश्वर। भू-धंसाव प्रभावित ज्योतिर्मठ के स्थिरीकरण के लिए द्वितीय चरण में पांच अरब से अधिक के कार्य होने हैं। लोनिवि ने निर्माण कार्यों के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। विभाग का कहना है कि दो-चार दिन में कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
ज्योतिर्मठ में जनवरी 2023 में भू-धंसाव शुरू हुआ था जिससे नगर का बड़ा क्षेत्र प्रभावित हुआ। कई आवासीय भवन जर्जर हो गए जिन्हें लोगों ने छोड़ दिया। पुनर्वास, पुनर्निर्माण योजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 1658.17 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। प्रथम चरण में 100 करोड़ रुपये के कार्य सिंचाई विभाग की ओर से किए जा रहे हैं। इसमें सुरक्षा दीवार के निर्माण सहित अन्य कार्य कराए जा रहे हैं। अब द्वितीय चरण के कार्य लोनिवि की ओर से कराए जाएंगे। इसके लिए 516 करोड़ 98 लाख रुपये (5.1698 अरब) स्वीकृत हैं।
इसमें नगर क्षेत्र के प्रभावित क्षेत्रों में अत्याधुनिक तकनीकी के तहत कार्य किए जाएंगे। यह नगर का सबसे महत्वपूर्ण कार्य है, जिसपर नगर का भविष्य निर्भर करेगा। यही कार्य नगर को भविष्य में धू धंसाव जैसी आपदाओं से बचाने में कारगर साबित होगा। इस कार्य में जो तकनीकी उपयोग में लाई जाएगी उसमें जमीन को अंदर से मजबूती देने का काम किया जाएगा। लोनिवि ने इसके लिए सभी तरह की तैयारियां कर ली हैं।
यह होंगे प्रमुख कार्य
-ढलानों पर गहराई तक प्री-स्ट्रेस एंकर और माइक्रो पाइल लगाए जाएंगे। इससे जमीन के अंदर चट्टानों को मजबूती मिलेगी।
- ढलान की सतह पर स्टील केबल नेट और वायर मेश लगाए जाएंगे, ताकि मिट्टी पत्थर न गिरें।
- बारिश से होने वाले कटाव को रोकने के लिए इरोजन कंट्रोल मैट बिछाई जाएगी।
- कंक्रीट लाइन वाली नालियां और ड्रेनेज होल बनाए जाएंगे, जिससे पहाड़ के अंदर का पानी बाहर निकल से।
-दरारों और खाली जगह को सीमेंट प्रेशर ग्राउटिंग से भरा जाएगा।
नृसिंह मंदिर मार्ग से शुरू होगा कार्य
ज्योतिर्मठ। नगर में ढलान स्थिरीकरण को लेकर एसडीएम ज्योतिर्मठ चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि लोनिवि की ओर से नृसिंह मंदिर वार्ड से कार्य शुरू किया जाना है। विभाग यह कार्य जल्दी शुरू कर देगा। यहां पैदल मार्ग पर सबसे पहले कार्य होगा।
- एसडीएम की ओर से जैसे ही चयनित क्षेत्रों की स्वीकृति मिलती है कार्य शुरू कर दिया जाएगा। कुछ जगह पर मिट्टी की टेस्टिंग भी की जानी है, इसके लिए मशीनें पहुंच चुकी हैं। हमारे पास सभी तरह की मशीनें उपलब्ध हैं। कार्य से संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं।
- नवीन ध्यानी, अधिशासी अभियंता लोनिवि