शनिवार रात की बारिश तल्ला दशोली, कपीरी और चांदपुर पट्टी के दो दर्जन से अधिक गांवों में कहर बनकर बरसी। गांवों को तहसील मुुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। पेयजल लाइनें, रास्ते, खेत, पैदल पुलिया, बिजली की लाइनें बारिश में बह गई। नैनीताल हाईवे पर एक ढाबा, पांच से अधिक आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हो गए।
तल्ला दशोली के धल, कांचुला, स्वर्का गांवों के गदेरे तेज बारिश से उफान पर आ गए। ग्राम प्रधान किरन देवी, ग्रामीण दिग्पाल सिंह, दिनेश नगवाल, बसंती डिमरी, गबर सिंह, शिशुपाल सिंह, महिला मंगल दल उपाध्यक्ष ममता देवी, किशोरी प्रसाद, इंद्र सिंह ने बताया कि रात में हुई बारिश से तल्ला धल, खलधार, मल्ला धल, कांचुला और स्वर्का की पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई। साथ ही पानी के स्रोत और खेत मलबे में दब गए। मैखुरा के प्रधान राकेश लाल ने बताया कि गांव में एक पैदल पुलिया सहित कई रास्ते और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त हो गई।
बणसोली गांव में भी बारिश से नुकसान की सूचना है। चमोली में बीना देवी का मकान और सिंचाई की नहरें क्षतिग्रस्त हो गईं। उत्तरों गांव की प्रधान रेखा नेेगी और व्यापार संघ अध्यक्ष कैलाश खंडूड़ी ने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का पहुंच मार्ग पूरी तरह बह गया है, जबकि रमेश लाल, ताजवर सिंह राणा, चक्रधर प्रसाद के मकान भूस्खलन की चपेट में आने से क्षतिग्रस्त हो गए।
सिमली के पाडली में नरेंद्र सिंह का ढाबा बारिश की भेंट चढ़ गया। कनखुल तल्ला में जिठांई देवी के मंदिर को भी मलबे से नुकसान हो गया है। दलबीर, पुष्कर, कमला देवी, शशि देवी, हरेंद्र सिंह के खेत और गोशालाएं मलबे की चपेट में आ गई। इधर, एसडीएम विवेक प्रकाश ने बताया कि तहसीलदार विपिन चंद्र पंत के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम ने प्रभावित इलाकों में नुकसान का जायजा लिया है।