गोपेश्वर। श्रीदेव सुमन विवि के गोपेश्वर परिसर के प्राध्यापक विष्णुगाड़-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना से स्थानीय पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभावों का आंकलन करेंगे। महाविद्यालय प्राचार्य और परियोजना प्रबंधक के साथ इसके लिए करार हो गया है। प्राध्यापकों की ओर से परियोजना से स्थानीय पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों का गहनता से अध्ययन किया जाएगा।
परियोजना के पर्यावरणीय प्रभाव के आंकलन के लिए महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता और टीएचडीसी के अपर महाप्रबंधक (पर्यावरण) विजय सहगल ने सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। प्राचार्य प्रो. आरके गुप्ता ने बताया कि आधुनिक जीवन शैली के कारण बिजली की मांग बढ़ती जा रही है, जिसकी पूर्ति जल विद्युत परियोजनाओं के मानकोनुसार निर्माण एवं संचालन से ही की जा सकती है। पर्यावरण आंकलन टीम में डा. बीपी भट्ट, डा. एसपी उनियाल, डा. मनीष बेलवाल, डा. अरविंद भट्ट, डा. जीपी रतूड़ी, टीएचडीसी के प्रबंधक (पर्यावरण) डा. मनोज रांगड़ और वरिष्ठ अभियंता विकास चौहान शामिल हैं।