प्रधान संगठन पोखरी ने जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में होने वाली बैठकों का बहिष्कार किया। ग्राम प्रधानों का कहना है कि जब तक स्पष्ट रूप से नहीं बताया जाता कि योजना के तहत किस तरह से काम होंगे और ग्राम पंचायतों की इसमें क्या भूमिका होगी तब तक वह बैठक नहीं करेंगे। प्रधान संगठन पोखरी ने इस संबंध में खंड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। वहीं दशोली ब्लाक के ग्राम प्रधानों ने भी जल जीवन मिशन की बैठकों का बहिष्कार किया।
पोखरी प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष धीरेंद्र राणा ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत ग्राम पंचायतों में बैठक कर योजना तैयार करने के लिए प्रस्ताव पास करने के लिए कहा गया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इसमें काम ग्राम प्रधान करेंगे या ठेकेदारों से कराया जाएगा। 15वें वित्त का बजट उसमें जोड़ा जाएगा या इसका बजट अलग होगा। ग्राम पंचायत की इस योजना में क्या भूमिका होगी, ऐसी तमाम बातों को स्पष्ट नहीं किया गया है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के कोषाध्यक्ष ललित मिश्रा, उपाध्यक्ष चंद्रकला देवी और महामंत्री बीरेंद्र राणा सहित अन्य प्रधान शामिल रहे।
वहीं दशोली ब्लाक के ग्राम प्रधानों ने इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रधान संगठन के अध्यक्ष नयन सिंह कुंवर ने कहा गया कि केंद्र व राज्य वित्त के मद में भारी कटौती की गई है, जो कि पंचायत की स्वायत्तता का हनन है। इस मौके पर ग्राम प्रधान शशि, विनीता, जयंती देवी आदि मौजूद थे।