पांडव देवताओं ने पिंडर नदी में किया स्नान, पुजारियों ने दी हवन में पूर्णाहुतियां
-नारायणबगड़ के बमियाला गांव में आयोजित हो रहा है पांडव लीला का आयोजन, आज होगा घुड़ैत नृत्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बमियाला। पांडव नृत्य के चौथे दिन शनिवार को पांडव देवताओं ने पिंडर नदी में गंगा स्नान कर अपने पिता राजा पांडु का पिंडदान किया। आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन कर पूर्णाहुतियां दी गईं।
सुबह पांडव देवताओं के पश्वा बाजे-गाजों के साथ भगवान नारायण, लाटू देवता और भराड़ी देवी के निषाण की अगुवाई में बमियाला से नलगांव स्थित पिंडर तट के लिए रवाना हुए। 12 किमी पैदल यात्रा के बाद नदी तट पर गंगा स्नान और पिंडदान की विधि पूरी की गई। आचार्य मयंक कांडपाल और भास्कर कांडपाल ने अनुष्ठान संपन्न कराया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने दर्शन कर भेंट अर्पित की।
वापसी पर पांडव देवताओं का गण्डिक, बोंठा और कफोली गांवों में भव्य स्वागत हुआ। देर शाम देवता पुनः बमियाला पहुंचे। आयोजन समिति के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह, दलवीर सिंह, केशर सिंह, जगत सिंह, महेंद्र सिंह, रघुवीर सिंह, मनोज सिंह और प्रेम सिंह ने बताया कि रविवार को घुड़ैत, मलयुद्ध, भगवान नारायण के पय्यां तोड़ने और वाहन गरुड़ के दर्शन-पूजन के साथ पांडव नृत्य का समापन होगा।
जल कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का हुआ शुभारंभ
थराली। शनिवार से सुनाऊं मल्ला गांव में सात दिवसीस श्रीमद भागवत कथा का आयोजन शुरू हो गया है। पहले दिन यजमानों और आस-पास के गांवों की महिलाओं तथा अन्य श्रद्धालुओं ने पिडंर नदी में स्नान कर कलश यात्रा निकाली। जिसमें देवी-देवताओं के जयकारे लगाए। कथा वाचक पंडित भुवन चंद्र उप्रेती को व्यास गद्दी पर विराजमान किया गया। पहले दिन की कथा में कथावाचक भुवन चंद्र उप्रेती ने भागवत कथा के महात्म्य को बताया। इस अवसर पर आदित्य नारायण पुरोहित, पूर्व प्रधान मुकेश पुरोहित, कैलाश पुरोहित, बुद्धि बल्लभ पुरोहित, कमल किशोर पुरोहित, लक्ष्मी प्रसाद पुरोहित, अंजू पुरोहित, गीता पुरोहित, सुशीला पुरोहित आदि मौजूद थे। संवाद