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दूसरे गांव के युवक का कर दिया दाह संस्कार

Wed, 21 Sep 2016 09:57 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चमोली (गोपेश्वर)
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पटवारी क्षेत्र तपोवन के करछी गांव में शव दाहसंस्कार का एक मामला विवादों में घिर गया है। मंगलवार को ग्रामीणों ने गांव के पास क्षत विक्षत हालत में मिले दूसरे गांव के युवक के शव को अपने गांव के एक व्यक्ति का मानकर उसका दाह संस्कार कर दिया। यही नहीं शव की परिजनों से शिनाख्त नहीं कराने के साथ ही ग्रामीणों ने राजस्व पुलिस को भी इसकी सूचना नहीं दी। हैरत की बात तो यह है कि शव को जिस व्यक्ति का मान लिया गया था, वह व्यक्ति भेड़ बकरी चरान के लिए बुग्याल क्षेत्र में गया है।
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अब मामले का खुलासा हुआ तो बवाल मच गया। मृतक के भाई रणजीत सिंह के शिकायती पत्र पर कार्रवाई करते हुए जोशीमठ के उपजिलाधिकारी योगेंद्र सिंह ने अधजले शव का पोस्टमार्टम कर पूरी घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि मामले में दोनों पक्षों से गहन पूछताछ की जा रही है। जांच तपोवन के राजस्व उपनिरीक्षक को सौंपी गई है।
घटनाक्रम के अनुसार मंगलवार को करछी गांव की महिलाएं घास लेने जंगल जा रही थी।

तभी रास्ते में एक क्षत-विक्षत शव दिखाई देने पर उन्होंने इसकी सूचना गांव में दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शव की पहचान गांव के लक्ष्मण सिंह के पुत्र रमेश के रूप में की, जबकि शव उसका न होकर घाट ब्लाक के स्यांरी-बंगाली गांव निवासी कलम सिंह (37 वर्ष) पुत्र रूपचंद्र का था। ग्रामीण शव को रमेश का मानकर गांव ले आए और पैतृक घाट पर दाह संस्कार शुरू कर दिया। इसी बीच बड़ागांव के एक चरवाहे ने रमेश के बुग्याल क्षेत्र में भेड़ बकरी चरान को जाने की बात बताई तो ग्रामीण शव को अधजले शव को पत्थरों के नीचे दबाकर वहां से खिसक गए।
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बुधवार को इस घटना की सूचना घाट क्षेत्र में पहुंची तो स्यांरी-बंगाली गांव के ग्रामीण कलम सिंह की ढूंढ खोज में राजस्व पुलिस के साथ करछी गांव पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि कलम सिंह को सोमवार की रात गांव के प्रतीक्षालय में देखा गया था। तब उसने ग्रामीणों से बुग्याल क्षेत्र में जाने की बात कही थी, लेकिन वह बुग्याल क्षेत्र में नहीं पहुंचा। ग्रामीणों से बातचीत के बाद राजस्व पुलिस ने अधजले शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।

घटना पूरी तरह से सवालों के घेरे में है। जंगल के रास्ते में क्षत-विक्षत शव मिलने की सूचना राजस्व पुलिस को क्यों नहीं दी गई, बिना पहचान के शव को क्यों जला दिया गया और शव को अधजला छोड़कर पत्थरों के नीचे क्यों दबाया गया, ऐसे तमाम सवाल इस घटना को लेकर उठ रहे हैं। मृतक युवक कलम सिंह के भाई रणजीत सिंह ने उपजिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
 
मृतक की जेब से मिले 76 हजार रुपये और डायरी
करछी गांव के ग्रामीणों को मृतक की जेब से 76 हजार रुपये और डायरी मिली थी। यह धनराशि और डायरी मृतक कलम सिंह के भाई को दे दी गई है। तपोवन के राजस्व उपनिरीक्षक पीएस गुसांई को ग्रामीणों ने बताया कि कलम सिंह कुछ दिन पूर्व तपोवन, ढाक और जोशीमठ में बेची गई भेड़-बकरियों की रकम की वसूली के लिए निचले क्षेत्र में आया था। सोमवार की रात वह गांव के प्रतीक्षालय में ग्रामीणों के साथ था और उसने बुग्याल में बकरियों के साथ जाने की बात कही थी। 
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