1 करोड़ 67 लाख मिले, चार विकासखंडों में 21 रास्तों के मरम्मत के लिए जिपं ने जारी की निविदाएं
कर्णप्रयाग। करीब 13 साल बाद आयोजित होने वाली नंदा देवी राजजात के पैदल मार्गों को दुरुस्त करने के लिए जिला पंचायत को एक करोड़ 67 लाख की स्वीकृति मिली है। इनमें जिल पंचायत ने रास्तों के अनुरक्षण कार्य के लिए निविदाएं जारी की गईं हैं। हालांकि श्रीनंदा देवी राजजात समिति ने इस धनराशि को कम बताते हुए रिवाइज करने की मांग की है।
नंदा देवी राजजात की मनौती के बाद अब आयोजन अगस्त-सितंबर 2027 में होना तय है। ऐसे में शासन और स्थानीय प्रशासन भी इस यात्रा की तैयारियों में लगा है। यात्रा के पैदल मार्ग बदहाल स्थिति में है। बीते वर्ष अक्तूबर में अध्ययन दल ने पैदल मार्गों पर चिंता जताई थी। अब जिला पंचायत ने कर्णप्रयाग, देवाल, नंदानगर के छह-छह, नारायणबगड़ के दो और गैरसैंण विकासखंड के एक पैदल मार्ग सहित 21 मार्गों के अनुरक्षण की कवायद शुरू की है। जिला पंचायत के मुख्य कार्याधिकारी तेज सिंह ने बताया कि राजजात के पैदल मार्गों के अनुरक्षण के लिए स्वीकृति मिली हैं इनमेंं निविदा प्रक्रिया के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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समिति ने जताया एतराज, बोली कम है धनराशि
श्रीनंदा देवी राजजात ऐतिहासिक है। इसके मुख्य मार्ग पर लाखों श्रद्धालु देव छंतोलियों के साथ पैदल जाते हैं। ऐसे में जिला पंचायत की ओर से 10 किमी से अधिक लंबे पैदल मार्ग पर 5 से 7 लाख की धनराशि रखी गई है। समिति ने इन रास्तों को 6 फीट चौड़ा करने, रेलिंग और इंटरलॉक टाइल्स लगाने का प्रस्ताव दिया था। समिति के सचिव भुवन नौटियाल ने बताया कि कर्णप्रयाग, नारायणबगड़, गैरसैंण और देवाल के यात्रा मार्गों के अनुरक्षण के लिए यह पर्याप्त धनराशि नहीं है। ऐसे में इन पर पुनर्विचार करने की मांग जिलाधिकारी चमोली से की गई है।