अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर काॅलेज सिमली का मामला
स्थापना काल से नहीं हुई पहुंच मार्ग की मरम्मत
कर्णप्रयाग। अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर काॅलेज सिमली का पहुंच मार्ग की मरम्मत नहीं हो पाई है। ऐसे में स्कूल के 280 से अधिक छात्र-छात्राएं बदहाल मार्ग से गुजरने को मजबूर हैं।
1970 के दशक में सिमली में राजकीय जनता जूनियर हाईस्कूल की स्थापना की गई थी। वर्ष 1975 में तत्कालीन राज्य सरकार ने विद्यालय का राजकीयकरण कर हाईस्कूल और 1985 में इंटर का दर्जा दिया गया था, जिसके लिए मज्याड़ी गांव निवासी एकादशी देवी ने 25 नाली भूमि स्कूल के लिए दान की।
तब से मज्याड़ी के ग्रामीण स्कूल का नाम भूमि दानदाता स्व. चंद्रशेखर डिमरी मेमोरियल राजकीय इंटर काॅलेज के नाम से करने की मांग कर रहे हैं। एकादशी देवी, अरुण डिमरी, दीप चंद्र डिमरी, सत्य प्रसाद खंडूड़ी ने बताया कि वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डाॅ. रमेश पोखरियाल निशंक के संज्ञान में उक्त प्रकरण आने पर उन्होंने श्री बद्रीश कीर्ति संस्कृत महाविद्यालय डिम्मर के शताब्दी समारोह में जीआईसी इंटर काॅलेज सिमली का नाम स्व. चंद्रशेखर डिमरी मेमोरियल के नाम से करने की घोषणा की थी, लेकिन सीएम की घोषणा फाइलों में धूल फांकती रही।
प्रधानाचार्य डीडी शर्मा ने बताया कि स्थानीय भूमि धारकों का कहना है कि जब तक जीआईसी सिमली का नाम स्व. चंद्रशेखर डिमरी के नाम से नहीं किया गया। मुख्य मार्ग से विद्यालय जाने वाले रास्ते और गेट को नहीं बनने देंगे। कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल ने बताया कि जीआईसी सिमली को स्व. चंद्रशेखर डिमरी के नाम से करवाने की पहल के लिए शिक्षा मंत्री से वार्ता कर शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।