तेफना में तीन दिवसीय दशोली गढ़ सांस्कृतिक विकास मेला बुधवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ शुरू हुआ। मेले में भोटिया जनजाति की महिलाओं का पौणा नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।
वहीं लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों पर दर्शक खूब झूमे।
तेफना खेल मैदान में आयोजित मेले का शुभारंभ बदरीनाथ विधायक राजेंद्र भंडारी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। भंडारी ने कहा कि इन मेलों के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार मिल रहा है।
उन्होंने भोटिया जनजाति के ग्रामीणों को मेले में ऊनी वस्त्रों के स्टॉल लगाने का आह्वान किया।
मेले में जागृति सांस्कृतिक विकास संस्थान के कलाकारों ने बदरी-केदार भूमि थैं, मेरु प्रणाम...,मैन सूणी फ्योंलि ज्वान ह्वेगी जैसे गीतों की प्रस्तुतियां दीं।
कलाकारों ने नंदा जागरों के माध्यम से मां नंदा की कैलाश विदाई का मंचन भी किया। जूनियर हाईस्कूल तेफना के छात्र-छात्राओं ने स्वागत गीत की प्रस्तुति दी।
मेले में स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग और उद्योग विभाग के साथ ही स्वयं सेवी संस्थाओं की ओर से स्टॉल लगाए गए। स्टॉलों में ग्रामीणों को जन कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग के स्टॉल में नए कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी लगाई गई है।
मेले में प्रशासन की ओर से शिविर लगाकर आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी, प्रधान संगठन के प्रदेश प्रवक्ता तेजवीर कंडेरी और मेला समिति की संरक्षक लक्ष्मी जोशी आदि मौजूद थे।